
आसनसोल : आसनसोल रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक मानवीय पहल के तहत जीआरपी (Government Railway Police) ने यात्रियों के चेहरों पर खुशी लौटाई। जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस ने हाल के महीनों में विभिन्न ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों से बरामद किए गए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। इस अवसर पर दर्जनों यात्री उपस्थित थे, जिनमें से कई ने भावुक होकर कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल वापस मिल पाएगा, पर जीआरपी की तत्परता और ईमानदारी ने यह संभव कर दिखाया।
जीआरपी के अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में यात्रियों की शिकायतों के आधार पर एक विशेष तकनीकी टीम गठित की गई थी, जिसने मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम और सायबर यूनिट की मदद से इन उपकरणों का लोकेशन ट्रेस किया। इसके बाद कई जिलों में समन्वय कर मोबाइल बरामद किए गए। बरामद फोनों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके असली मालिकों को सौंपा गया।

आसनसोल जीआरपी प्रभारी ने बताया कि यात्रियों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना और उनका भरोसा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि रेलवे यात्रियों के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत किया जा सके।
मोबाइल वापसी समारोह के दौरान यात्रियों के चेहरों पर संतोष और राहत की झलक दिखी। कई लोगों ने कहा कि जीआरपी की मेहनत और ईमानदारी समाज के लिए मिसाल है। एक महिला यात्री ने बताया कि उसका मोबाइल दो महीने पहले ट्रेन में चोरी हो गया था, जिसे वापस पाने की उम्मीद उसने छोड़ दी थी, लेकिन अब जब वह उसे फिर से अपने हाथों में देख रही हैं, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

स्थानीय नागरिकों ने भी रेलवे पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कदम पुलिस की छवि को जनसरोकार से जोड़ते हैं। जीआरपी अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना रेलवे पुलिस को दें।
रेलवे यात्रियों के हित में उठाए गए इस कदम ने न केवल लोगों का खोया सामान लौटाया, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे की नई डोर भी बुन दी।














Users Today : 34
Users Yesterday : 32