
आसनसोल : रेलवे पेंशनभोगियों की समस्याओं को लेकर बुधवार को आसनसोल रेलवे स्टेशन परिसर में ऑल इंडिया पेंशनर्स एसोसिएशन (आसनसोल डिवीजन) के बैनर तले एक जोरदार प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में सैकड़ों सेवानिवृत्त रेलकर्मी शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद भी पेंशनभोगियों को सम्मानजनक जीवन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कई महीनों से संगठन लगातार रेलवे प्रशासन को विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए पत्र लिख रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें लंबित मुद्दों के त्वरित निपटारे की मांग की गई।
संगठन के अध्यक्ष ए.के. घोष ने कहा, “रेलवे प्रशासन बार-बार आश्वासन तो देता है, पर कार्यान्वयन नहीं होता। हमारे बीच कई ऐसे पेंशनभोगी हैं, जिन्हें बकाया पेंशन और मेडिकल सुविधा के भुगतान में महीनों की देरी हो रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन कर्मचारियों ने दशकों तक रेलवे की सेवा की, उन्हें आज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।”

उन्होंने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में लेवल-2 की रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, बकाया मेडिकल क्लेम का निपटारा, और पेंशन निर्धारण में पारदर्शिता शामिल है। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण वृद्ध पेंशनभोगियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
संगठन के महासचिव आर.पी. सिंह ने कहा कि यदि अगले कुछ सप्ताहों में रेलवे प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार आंदोलन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं होगा, बल्कि यह राज्यव्यापी रूप ले सकता है।
प्रदर्शन में मौजूद सदस्य जयदेव मंडल, शुभ्रांशु मुखर्जी, सुषमा देवी और अन्य वक्ताओं ने कहा कि पेंशनभोगी अब चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि रेलवे को कर्मचारियों की सेवा का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।
वहीं, कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि वर्तमान व्यवस्था में संचार की कमी है। अधिकारी फाइलों में मामले दबा देते हैं, जिससे पेंशनभोगियों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे प्रशासन को प्रत्येक डिवीजन में “पेंशन हेल्प डेस्क” की स्थापना करनी चाहिए, ताकि वृद्ध पेंशनभोगी अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज कर सकें।

ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन ने एक बैठक भी की, जिसमें निर्णय लिया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले डिवीजन स्तर पर धरना दिया जाएगा, फिर जोनल मुख्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे पुलिस भी तैनात थी। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही, लेकिन पेंशनभोगियों की आवाज में गुस्सा और असंतोष साफ झलक रहा था। उन्होंने अंत में कहा कि “हम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने हक की लड़ाई के लिए सड़क पर आए हैं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।”
इस प्रकार, आसनसोल रेलवे स्टेशन परिसर बुधवार को उन सेवानिवृत्त कर्मियों की आवाज का साक्षी बना, जिन्होंने जीवनभर रेलवे की सेवा की और अब अपने अधिकारों के सम्मान के लिए फिर से एकजुट होकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।














Users Today : 34
Users Yesterday : 32