
दुर्गापुर : इस्पात नगरी दुर्गापुर में निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म प्रकरण में अब कॉलेज प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया है। आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की डायरेक्टर (ब्रांडिंग एंड पीआर) सुदेश्ना गांगुली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि कॉलेज प्रबंधन पुलिस जांच में हर संभव सहयोग कर रहा है।
गांगुली ने बताया कि यह घटना कॉलेज के दो छात्रों — एक छात्र और एक छात्रा — से संबंधित है। दोनों एमबीबीएस की प्रथम वर्ष की परीक्षा पूरी कर द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले चुके हैं। शुक्रवार की शाम करीब 7 बजकर 58 मिनट पर दोनों छात्र-छात्रा कॉलेज कैंपस से बाहर गए थे। कुछ देर बाद छात्र अकेले वापस लौटा और मुख्य द्वार के पास प्रतीक्षा करता दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद वह भी परिसर से चला गया।
लगभग दस मिनट बाद दोनों एक साथ कॉलेज लौट आए। उस समय दोनों ने किसी घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में, छात्रा ने अपने हॉस्टल में पहुंचकर सहपाठियों को बताया कि उसके साथ बाहर रहते हुए गंभीर घटना घटी है। सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्रा अब पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी सेहत में सुधार हो रहा है। डायरेक्टर सुदेश्ना गांगुली ने कहा, “हमारी सुरक्षा व्यवस्था कॉलेज कैंपस के भीतर सीमित है। छात्रों के कैंपस से बाहर जाने के बाद जो कुछ हुआ, उसकी जानकारी हमें नहीं थी। पुलिस जांच कर रही है और हम हर स्तर पर सहयोग दे रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए प्रबंधन आवश्यक कदम उठा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो। कॉलेज ने दावा किया है कि उसकी ओर से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की गई है और पूरी घटना कैंपस के बाहर घटित हुई है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल महिला आयोग की सदस्य संध्या अर्चना मजूमदार रविवार को आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित छात्रा से मुलाकात कर उसकी स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन से घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

मजूमदार ने घटना को “बेहद दुखद और शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक छात्रा, जो भविष्य की डॉक्टर बनने जा रही थी, इस तरह की हिंसा का शिकार हुई। इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच जरूरी है।”
महिला आयोग ने आश्वासन दिया कि वे पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे और जांच प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। वहीं, पुलिस ने बताया कि अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
दुर्गापुर की यह घटना राज्यभर में आक्रोश का कारण बन गई है। राजनीतिक दलों से लेकर सामाजिक संगठनों तक सभी ने इस अपराध की निंदा की है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।














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