
दुर्गापुर : पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ हुए अमानवीय दुष्कर्म कांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, वैज्ञानिक और तेज़ी से आगे बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी आरोपी को कानून से बच निकलने का अवसर न मिले।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों की सूक्ष्म जांच के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तकनीकी माध्यमों से इलाके का पूरा नक्शा तैयार कर संभावित सबूतों की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुँचकर आवश्यक नमूने, कपड़ों के रेशे, और जैविक प्रमाणों को सुरक्षित किया है ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। जिन तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके बयान मिलान के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ जांचे जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर कुछ और लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पुलिस ने साफ कहा है कि “दोषी कोई भी हो, उसे कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।”
इस जघन्य वारदात ने राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्यव्यापी विरोध शुरू कर दिया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्तर पर जांच में कोताही नहीं बरती जाएगी।
घटना के बाद शहर में आक्रोश का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने की मांग की है। वहीं छात्र संगठनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की अपील की।

चिकित्सा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता फिलहाल चिकित्सकीय देखरेख में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों ने बताया कि उसे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है और मानसिक परामर्श की व्यवस्था भी की गई है।
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय से भी निगरानी बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जांच की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक या बाहरी दबाव जांच को प्रभावित नहीं कर सकेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गापुर जैसे औद्योगिक और शैक्षणिक शहर में इस तरह की घटना समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस मामले को “दुर्लभतम में दुर्लभ” श्रेणी में रखकर सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।














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