
दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा से हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी शेख शफीकुल उर्फ सफीक एसके को उसकी बड़ी बहन रोजीना एसके की मदद से गिरफ्तार किया गया। रोजीना ने मानवीय संवेदना और न्याय की भावना को प्राथमिकता देते हुए अपने ही भाई को पुलिस के हवाले कर दिया।
बहन ने खुद दी पुलिस को सूचना, अंडाल पुल के नीचे हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, आरोपी शफीकुल घटना के बाद से लगातार फरार था और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। रविवार देर रात शफीकुल ने अपनी बहन रोजीना से अंडाल पुल के नीचे मिलने का वादा किया। रोजीना ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस पहले से ही मौके पर तैनात थी, और जैसे ही शफीकुल वहां पहुँचा, उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी 13 अक्टूबर की शाम को हुई। रोजीना ने कहा, “मैं नहीं चाहती थी कि मेरा भाई भागे। उसे कानून का सामना करना चाहिए।”

पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, सीन रीक्रिएशन से नए सुराग मिलने की उम्मीद
इस मामले में अब तक पाँचों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं — शेख शफीकुल, शेख नसीरुद्दीन, शेख रियाजुद्दीन, शेख फिरदौस और अप्पू बाउरी। इनमें रियाजुद्दीन पहले उसी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा गार्ड था, जहाँ पीड़िता पढ़ती थी, पर पाँच वर्ष पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। सोमवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को लेकर घटनास्थल—श्मशान घाट के पास स्थित जंगल—में क्राइम सीन रीक्रिएशन करवाया। इसमें आरोपियों से 10 अक्टूबर की रात की घटनाओं को दोहराने को कहा गया, ताकि उनकी भूमिका और वारदात के क्रम की सटीक जानकारी मिल सके।

डिनर से लौटते वक्त हुआ हमला, छात्रा के दोस्त ने छोड़ा साथ
मामला 10 अक्टूबर की रात का है, जब पीड़िता अपने सहपाठी वसीम के साथ डिनर कर लौट रही थी। रात करीब 10 बजे कुछ लोगों ने दोनों को रास्ते में रोक लिया। वसीम मौके से भाग गया और आरोपियों ने छात्रा को पकड़कर जंगल की ओर खींच लिया। वहीं पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और तीन हजार रुपये की मांग की। पैसे न देने पर मोबाइल रखकर फरार हो गए।
पीड़िता ओडिशा की रहने वाली, स्थिति अब स्थिर
23 वर्षीय पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है और दुर्गापुर के शोभापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा है। घटना के बाद से उसका इलाज चल रहा है। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान हैं और जननांगों पर गंभीर चोटें पाई गई हैं।
पिता ने कहा—बंगाल में औरंगजेब का शासन जैसा माहौल
पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वयं महिला होते हुए भी इस तरह का असंवेदनशील बयान कैसे दे सकती हैं? क्या हमारी बेटियों को अब घरों में बंद होकर रहना होगा?” उन्होंने आगे कहा, “ऐसा लगता है जैसे बंगाल में औरंगजेब का शासन लौट आया है। मैं अपनी बेटी को अब ओडिशा ले जाना चाहता हूं। उसकी सुरक्षा और जीवन पहले है, करियर बाद में।”

राज्यभर में आक्रोश, न्याय की मांग तेज
घटना के बाद दुर्गापुर सहित समूचे पश्चिम बर्दवान जिले में आक्रोश फैल गया है। महिला संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और छात्र समूहों ने दोषियों को फास्ट-ट्रैक अदालत में जल्द से जल्द सजा देने की मांग की है। शहर में जगह-जगह प्रदर्शन और कैंडल मार्च आयोजित किए जा रहे हैं।
पुलिस ने कहा—हर दिशा में हो रही जांच
दुर्गापुर के डीसीपी (ईस्ट) ने बताया कि मामले की जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों को कोलकाता भेजा है। आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
दुर्गापुर की यह घटना न केवल शहर बल्कि पूरे राज्य को झकझोर गई है। एक ओर जहां बहन की भूमिका ने समाज में इंसानियत की उम्मीद जगाई, वहीं यह मामला प्रशासन और न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता की सख्त परीक्षा बन गया है।














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