
दुर्गापुर : औद्योगिक नगरी दुर्गापुर के बी जोन इलाके में मंगलवार रात घटित एक जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। जेसी बोस पुकुरपाड़ा स्लम में रहने वाली नौ साल की मासूम बच्ची के साथ 50 वर्षीय पड़ोसी ने नशे की हालत में दुष्कर्म का प्रयास किया। आरोपी को बच्ची की माँ ने रंगे हाथ पकड़ लिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना का सिलसिला: नशे में धुत पड़ोसी ने की घिनौनी कोशिश
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे आरोपी निमाई गराई, जो दयानंद एवेन्यू के पास स्थित एक छोटे होटल में कर्मचारी है, शराब के नशे में धुत होकर उसी बस्ती की एक झोपड़ी में जा घुसा। उस समय बच्ची घर में अकेली थी और माँ कुछ देर के लिए बाहर गई हुई थी। बताया जाता है कि निमाई ने बच्ची को अकेला देखकर उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की।
तभी बच्ची की माँ लौट आई और उसने आरोपी को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। घबराई माँ की चीख सुनते ही मोहल्ले के लोग दौड़े चले आए और आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना तुरंत बी जोन थाना पुलिस को दी गई। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और थाने ले गई।

पीड़िता का बयान दर्ज, पुलिस ने लगाया पोक्सो एक्ट
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी निमाई गराई (50) के खिलाफ पोक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अधिनियम बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कठोरतम सज़ा का प्रावधान रखता है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को बुधवार को सब-डिविजन कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे पोक्सो विशेष न्यायालय में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है।
बी जोन थाना प्रभारी ने कहा, “यह अपराध अत्यंत गंभीर है। पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवाया जा चुका है और महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उसका बयान दर्ज कराया गया है। जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है।”
आरोपी को सख्त सज़ा दिलाने की मांग पर अड़े स्थानीय लोग
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपी को कठोर से कठोर सज़ा देने की मांग की है। मोहल्ले की एक महिला ने कहा, “हमारी बच्चियाँ अब सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं। इन्हें उदाहरण बनाकर सज़ा दी जानी चाहिए ताकि कोई दूसरा इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।”
कई लोगों ने रातभर थाने के बाहर नारेबाज़ी की और पुलिस प्रशासन से आरोपी को सख्त सज़ा दिलाने की मांग की। इलाके में तनाव की स्थिति देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पीड़िता को मिलेगी कानूनी और मानसिक सहायता
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को चिकित्सकीय जांच के बाद महिला एवं बाल कल्याण विभाग की देखरेख में रखा गया है। विभाग ने बच्ची को मनोवैज्ञानिक सहायता (काउंसलिंग) प्रदान करने का निर्णय लिया है ताकि वह इस सदमे से उबर सके। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में सहयोग का आश्वासन दिया है।

कानूनी पहलू: कठोर सज़ा का प्रावधान
पोक्सो कानून के तहत किसी नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाए जाने पर न्यूनतम तीन वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा का प्रावधान है। न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की प्रकृति और सबूतों के आधार पर आरोपी को कठोर दंड मिलना लगभग तय है।
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि, “बाल अपराधों के मामलों में पुलिस शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करेगी। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कठोर सज़ा दिलाने के लिए चार्जशीट जल्द दायर की जाएगी।”
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 72 घंटे के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया है।
समाज में उठे सवाल: बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्लम इलाकों में ऐसे मामलों का खुलासा अक्सर देर से होता है, क्योंकि पीड़ित परिवार डर या सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसी मानसिकता बदलनी होगी और लोगों को बच्चों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।














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