
आसनसोल : राज्यभर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के लोगों पर बढ़ते अत्याचारों के विरोध में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ने जामुड़िया में उग्र विरोध प्रदर्शन किया। जामुड़िया मंडल-2 के तत्वावधान में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, आदिवासी नेता और समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने चिचुरिया मोड़ से केंद्रा फाड़ी तक विशाल पदयात्रा निकालते हुए नारे लगाए — “आदिवासियों पर अत्याचार बंद करो” और “अन्याय के खिलाफ भाजपा मैदान में है।”
विधायक दुर्गा मुर्मू बोले — “राज्य सरकार सो रही है”
इस प्रदर्शन में दार्जिलिंग जिले के विधायक दुर्गा मुर्मू भी शामिल हुए। उन्होंने कहा —“राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आदिवासी समाज पर हमले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार मौन है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। अगर उन्हें जल्द सजा नहीं मिली तो भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा तक जनआंदोलन करेगी।”उन्होंने यह भी कहा कि “आदिवासी समाज अब जाग चुका है, यह चुप नहीं बैठेगा। सरकार को चेतावनी है कि अब अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष होगा।”

तीर-धनुष लेकर आदिवासी कार्यकर्ताओं का सांकेतिक विरोध
प्रदर्शन में भाजपा के एसटी मोर्चा के कार्यकर्ता पारंपरिक वेशभूषा और तीर-धनुष लेकर पहुंचे।उनका कहना था — “यह तीर-धनुष हमारी पहचान और अस्तित्व का प्रतीक है। आज हम इन हथियारों से नहीं, बल्कि अपने हक की आवाज़ से लड़ाई लड़ रहे हैं।”कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक स्तर पर आदिवासियों के अधिकारों को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि वे सदियों से इस भूमि के मूल निवासी हैं।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग, गूंजे “जय श्रीराम” के नारे
प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की।
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने “जय श्रीराम” और “आदिवासियों पर हमला बंद करो” के नारे लगाते हुए केंद्रा फाड़ी की ओर कूच किया।पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा घेरे के बावजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी — “अगर राज्य सरकार आदिवासियों के हक और सुरक्षा की गारंटी नहीं देती, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता, भारी पुलिस बल तैनात
केंद्रा फाड़ी परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए थे।हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर निगरानी रखे हुए था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रैली के मार्ग और संभावित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
भाजपा ने किया राज्यव्यापी अभियान का ऐलान
भाजपा के स्थानीय नेता विजय हेम्ब्रम ने कहा — “यह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता का आंदोलन है।”उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में राज्यभर के आदिवासी बहुल इलाकों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे “राज्य व्यापी हड़ताल” और “जिला मुख्यालय घेराव” कार्यक्रम की घोषणा करेंगे।
“हम अब किसी के रहमोकरम पर नहीं जियेंगे”
प्रदर्शन में शामिल एक आदिवासी महिला कार्यकर्ता ने कहा —“हमारे बच्चों को शिक्षा नहीं, नौकरियों में भेदभाव और गाँवों में अत्याचार मिल रहा है। अब चुप्पी टूट चुकी है।”दूसरे कार्यकर्ता बोले — “हम जंगल और जमीन के हक की लड़ाई शांतिपूर्वक लेकिन मजबूती से लड़ेंगे।”जामुड़िया का यह आंदोलन केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि अब यह राज्यभर में आदिवासी अस्मिता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।भाजपा नेताओं ने कहा कि आने वाले हफ्तों में झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा और अलीपुरद्वार में भी ऐसे ही प्रदर्शन किए जाएंगे।अंत में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा —“आदिवासी अब जाग गया है, अन्याय के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ेगा।”














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