
दुर्गापुर : दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) प्रबंधन द्वारा जारी “क्वार्टर खाली करो” नोटिस के विरोध में बुधवार शाम से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। दुर्गापुर स्टील टाउनशिप लाइसेंसी ऑनर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने मशाल जुलूस निकालते हुए नारे लगाए — “हमने खून-पसीना दिया, अब घर मत छीनो।” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके जीवन के अंतिम पड़ाव में सड़क पर उतारने की कोशिश कर रहा है।
“पेंशन से घर खरीदा, अब उजाड़ने की धमकी”
प्रदर्शनकारियों में शामिल सेवानिवृत्त कर्मियों ने कहा कि डीएसपी ने वर्षों पहले उन्हें क्वार्टर लाइसेंस आधार पर दिया था, जिसे उन्होंने अपनी जमा पूंजी और पेंशन से खरीदा। अब प्रबंधन कह रहा है कि “31 अक्टूबर तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो घर खाली करना होगा।”कई बुजुर्गों ने भावुक होकर कहा — “हमने पूरी उम्र प्लांट की सेवा में लगा दी, अब यह घर ही हमारी आखिरी पहचान है। अगर यह भी छिन गया तो सिर छिपाने की जगह नहीं बचेगी।”

प्रबंधन की चेतावनी: “नहीं चुकाया तो जबरन हटाएंगे”
डीएसपी प्रशासन ने नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि “31 अक्टूबर तक भुगतान नहीं करने वालों को पुलिस की मदद से हटाया जाएगा।”साथ ही चेतावनी दी गई है कि बकाया राशि न देने पर “बिजली और पानी की आपूर्ति भी रोक दी जाएगी।”इस फैसले से टाउनशिप में भारी असंतोष फैल गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन की यह नीति “मानवीय संवेदना के विपरीत” है।
“किस्तों में भुगतान की अनुमति दें” प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे बकाया रकम किस्तों में चुकाने के लिए तैयार हैं, मगर प्रबंधन सुनने को तैयार नहीं।एसोसिएशन के सचिव सुदीप्तो नाग ने कहा — “हमने कई बार निवेदन किया कि वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए भुगतान की सुविधा दी जाए, परंतु कोई जवाब नहीं मिला।”उन्होंने चेतावनी दी — “अगर समाधान नहीं निकला तो टाउनशिप गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और प्लांट का संचालन रोकने की रणनीति अपनाई जाएगी।”
“डीएसपी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता”
कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन को यह नहीं भूलना चाहिए कि यह टाउनशिप उन्हीं की मेहनत और पसीने से बसी है।एक सेवानिवृत्त कर्मचारी बोले — “जब प्लांट संकट में था, तब हमने ओवरटाइम कर मशीनें चलाईं। अब हमें बेघर किया जा रहा है।”कई महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए कहा — “हम अपने बच्चों के साथ यहाँ पले-बढ़े हैं। अब बुजुर्गावस्था में घर छोड़ना संभव नहीं।”

प्रशासन ने दी शांति की अपील
डीएसपी प्रबंधन ने अपने पक्ष में कहा — “लाइसेंसधारियों को पर्याप्त समय दिया गया है। अधिकांश ने राशि नहीं चुकाई, इसलिए कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।”इधर, दुर्गापुर पुलिस ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि टकराव की स्थिति न बने।
स्थानीय नागरिक संगठनों ने डीएसपी से अनुरोध किया है कि वह “वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाए और समझौते का रास्ता निकाले।”
शहर में बढ़ा तनाव, स्थिति संवेदनशील
मशाल जुलूस के बाद टाउनशिप इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। कई जगहों पर नागरिकों ने मानव श्रृंखला बनाकर शांतिपूर्ण विरोध का प्रदर्शन किया।लाइसेंसी ऑनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर प्रबंधन ने एक सप्ताह के भीतर नोटिस वापस नहीं लिया, तो आंदोलन “राज्यव्यापी” रूप लेगा।
इस बीच डीएसपी के उच्च अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि मामले पर पुनर्विचार किया जा सकता है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग की आवाज गूंज उठी —“हमने उम्र भर स्टील प्लांट को खड़ा किया, अब वही हमें तोड़ना चाहता है।”














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