
दुर्गापुर : शहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म मामले की जांच में पुलिस ने घटनास्थल के दायरे को और विस्तारित कर दिया है। गुरुवार को पुलिस ने पहले से घिरे गए जंगल क्षेत्र के आसपास लगभग 50 मीटर अतिरिक्त इलाके को नया कॉर्डन कर दिया, जिससे जांच अधिकारियों को घटनास्थल से नए सुराग जुटाने में आसानी होगी।पुलिस ने घटनास्थल पर नए कॉर्डन के बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया। शुक्रवार को चार सदस्यीय फॉरेंसिक दल ने घटनास्थल का दौरा किया और महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए। न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस भी टीम के साथ मौजूद रही, ताकि सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित की जा सके। फॉरेंसिक टीम के प्रतिनिधियों ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
सूत्रों के अनुसार, मामले में आरोपी सहपाठी के बयानों में कई विसंगतियां पाई गई हैं। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके हॉस्टल और जंगल से कंडोम बरामद किए गए। पुलिस अब बाकी पांच आरोपियों और पीड़िता के बयानों के साथ सहपाठी के बयान का बार-बार मिलान कर रही है। इसके अलावा, आरोपी को दोबारा घटनास्थल पर ले जाकर गहन पूछताछ की गई ताकि घटनाक्रम का विस्तृत और सटीक विवरण प्राप्त किया जा सके।

जानकारी के अनुसार, मुख्य घटनास्थल कॉलेज कैंपस से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से पक्की सड़क निकलती है, जो आगे जाकर दो हिस्सों में बंटती है और जंगल की ओर जाती है। पुलिस मान रही है कि अपराध उस रात संकरी सड़क पर हुआ था। विस्तारित कॉर्डन से अब जंगल के आसपास और मार्गों की निगरानी भी की जा सकेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम को समझना और सभी साक्ष्यों का विश्लेषण करना है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक नमूनों की जांच के बाद ही मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होगा।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस द्वारा घटनास्थल का दायरा बढ़ाने से यह संभावना जताई जा रही है कि जांच में कोई नया सुराग या तथ्य सामने आया है। मामले में कॉलेज प्रशासन भी पुलिस के साथ सहयोग कर रहा है, ताकि जांच तेजी से और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।
इस मामले ने शहर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। छात्रों और अभिभावकों ने पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पुलिस हर नमूने और बयान का ध्यानपूर्वक मिलान कर रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच के दौरान किसी भी तथ्य को छुपाने की कोशिश नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच प्रक्रिया में विस्तार और फॉरेंसिक टीम की भागीदारी से मामले में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों और साक्ष्यों के आधार पर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बीच, शहर के लोग सुरक्षा और न्याय की प्रक्रिया को लेकर सतर्क नजर रखे हुए हैं।
दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज छात्रा दुष्कर्म मामला अब एक संवेदनशील और गंभीर जांच की दिशा में बढ़ रहा है, जहां पुलिस, फॉरेंसिक टीम और प्रशासन मिलकर हर तथ्य की छानबीन कर रहे हैं, ताकि पीड़िता को न्याय और आरोपियों को उचित दंड मिल सके।














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