
दुर्गापुर : दीपावली और काली पूजा की छुट्टियों के बीच शहर के सिटी सेंटर इलाके में रविवार सुबह सनसनी फैल गई, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों के आवास पर हुई बड़ी चोरी की घटना का खुलासा हुआ। चोरों ने एक ही रात में तीन फ्लैटों और बैंक के गेस्ट हाउस को निशाना बनाया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

तीन कर्मचारियों के घर और गेस्ट हाउस बने निशाना
यह घटना सिटी सेंटर स्थित एसबीआई आवास परिसर की है, जहां बैंक के अधिकारी और कर्मचारी रहते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार की रात जब अधिकांश कर्मचारी दीपावली और काली पूजा मनाने अपने पैतृक घर गए हुए थे, तभी अज्ञात चोरों ने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। रविवार सुबह पड़ोसियों ने देखा कि तीन फ्लैटों के दरवाजे टूटे हुए हैं।चोरी के शिकार कर्मचारियों में बैंक के कैशियर रूपक चटर्जी, मानष महतो और बिजेंद्र कुमार शामिल हैं। इसके अलावा चोरों ने बैंक के गेस्ट हाउस को भी नहीं छोड़ा। घरों की अलमारियाँ टूटी हुई मिलीं और लाखों रुपये के जेवर, नकदी, और कीमती दस्तावेज गायब बताए जा रहे हैं।

“घर लौटते ही सब कुछ लूटा पाया” — कैशियर रूपक चटर्जी
कैशियर रूपक चटर्जी, जो पूजा की छुट्टी में तारापीठ स्थित अपने घर गए थे, ने कहा, “मुझे सुबह फोन पर चोरी की खबर मिली। मैं तुरंत लौटा और देखा कि मेरे फ्लैट का दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर अलमारी खुली पड़ी थी और सारे जेवर-नकदी गायब थे। यह दृश्य देखकर मैं स्तब्ध रह गया।”उनके अनुसार, चोरी बहुत सोच-समझकर की गई है। चोरों ने केवल उन्हीं फ्लैटों को निशाना बनाया, जिनके सदस्य बाहर गए हुए थे। इससे यह संदेह गहरा गया है कि किसी स्थानीय व्यक्ति को कर्मचारियों की दिनचर्या की जानकारी थी।
“यह पहली बार नहीं, एक साल पहले भी हुई थी चोरी”
एक अन्य कर्मचारी प्रबीर कुमार मुखर्जी ने बताया कि यह घटना नई नहीं है। उन्होंने कहा, “करीब एक साल पहले भी यहां इसी तरह की चोरी हुई थी। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर से वही वारदात दोहराई गई है। हम असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं।”कर्मचारियों का कहना है कि बैंक प्रबंधन और स्थानीय पुलिस, दोनों ही सुरक्षा को लेकर लापरवाह हैं। आवास परिसर में न तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड हैं, न ही सीसीटीवी कैमरे सही स्थिति में हैं।
पुलिस जांच में जुटी, कर्मचारियों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही सिटी सेंटर फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोरों ने पिछली दीवार की ओर से प्रवेश किया और वारदात के बाद उसी रास्ते से फरार हो गए। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
“एसबीआई कर्मचारियों का घर सुरक्षित नहीं तो आम जनता कैसे सुरक्षित?”
स्थानीय लोगों और बैंक कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि जब देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थान के कर्मचारियों का आवास ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है।कई कर्मचारियों ने कहा कि बैंक प्रशासन को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करनी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दीपावली की खुशियाँ मातम में बदलीं
जिस दिन शहर दीपावली की रोशनी में नहा रहा था, उसी दिन बैंक कर्मचारियों के घरों में मातम छा गया। परिवारजन स्तब्ध हैं और बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा किया भी जाए तो कैसे?यह चोरी न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस सतर्कता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन कितनी तेजी से इस मामले का पर्दाफाश करता है या फिर यह मामला भी बाकी वारदातों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।














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