
आसनसोल : पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमाती दिख रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आसनसोल के बड़तोड़िया इलाके में आयोजित 43वीं सार्वजनिक काली पूजा का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर निशाना साधा। पूजा पंडाल में दीप प्रज्वलन के बाद उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक ढिलाई और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर खुलकर बयान दिए।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा — “राज्य में शासन नहीं, भय का माहौल”
कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि “आज राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि आम लोग, विशेषकर महिलाएं, रात में बाहर निकलने से डरती हैं। खुद मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार किया है कि राज्य की सड़कों पर रात में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं — इससे बड़ा शर्मनाक बयान किसी शासक का नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री अपने ही प्रदेश की महिलाओं को घर में रहने की सलाह देती हैं, वह शासन की असफलता का खुला प्रमाण है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में प्रशासनिक ढांचा अब पूरी तरह पार्टी आधारित हो चुका है। पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक सत्तारूढ़ दल के निर्देश पर काम कर रहे हैं।

देश के नागरिकों को बाहरी कहना अपमानजनक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि “भवानीपुर में रहने वाले देश के नागरिकों को ‘बाहरी’ बताना न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि यह बंगाल की परंपरा के भी खिलाफ है।” उन्होंने कहा कि जब जनता की तीखी प्रतिक्रिया हुई, तो मुख्यमंत्री अपने बयान से पलट गईं। उन्होंने सवाल उठाया, “ममता बनर्जी भारतीय नागरिकों को बाहरी बताती हैं, लेकिन बांग्लादेश से आए रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर कभी कुछ क्यों नहीं कहतीं? क्या यह दोहरा मापदंड नहीं?”
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
भाजपा नेता ने इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से अधीर रंजन चौधरी को हटाने का फैसला इस बात का संकेत है कि कांग्रेस अब बंगाल में टीएमसी के साथ मिलकर राजनीतिक समीकरण साधना चाहती है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अधीर चौधरी जैसे नेता गठबंधन के विरोध में थे, इसलिए उन्हें पद से हटाया गया। यह साबित करता है कि कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय सत्ताधारी दल के लिए बैकडोर सहयोगी बन गई है।”“
भाजपा करेगी जनता के हक की रक्षा
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो बंगाल में लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने का काम कर सकती है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है—राज्य में भयमुक्त वातावरण और सुशासन की स्थापना। हम किसी भी कीमत पर बंगाल को तुष्टिकरण की राजनीति में नहीं झोंकने देंगे।”

पूजा के मंच से छिड़ी राजनीतिक बहस
काली पूजा के इस आयोजन में जहां श्रद्धा और आस्था का माहौल था, वहीं शुभेंदु अधिकारी के बयानों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए, जबकि कई स्थानीय लोगों ने ममता बनर्जी सरकार के प्रति असंतोष भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि “यह पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकजुटता और जागरूकता का प्रतीक है। जब तक बंगाल में भय और भ्रष्टाचार रहेगा, तब तक भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा।”कार्यक्रम के अंत में उन्होंने मां काली से राज्य में शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। उनके fiery (तेजस्वी) भाषण के बाद आसनसोल की सियासी फिजा में गर्माहट आ गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी की यह सभा आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति का रुख तय करने वाली साबित हो सकती है।














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