
दुर्गापुर : पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर में सांप्रदायिक सद्भाव का एक अनोखा उदाहरण को देखने को मिला। स्थानीय MAMC श्रीपल्ली नेल्सन एथलेटिक क्लब में मुस्लिम युवाओं ने हिंदू समुदाय के साथ मिलकर काली पूजा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ उपस्थित रहे और विसर्जन के समय एकता और भाईचारे का संदेश फैलाया।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सूरज शेख ने कहा कि उनका मकसद धर्म के नाम पर होने वाले विभाजन को खत्म करना है। उन्होंने कहा, “हम सभी धर्मों के लोग एक ही मोहल्ले में रहते हैं। बचपन से हम एक साथ खेलते, खाते और बड़े हुए हैं। हमारे लिए कोई भी धार्मिक मतभेद इंसानियत से ऊपर नहीं है। यह पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है।”
विसर्जन के समय इलाके में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी धर्मों के लोग उपस्थित थे। उन्होंने सूरज शेख और अन्य आयोजकों को इस पहल के लिए सराहा। स्थानीय निवासी राधिका गुप्ता ने कहा, “यह आयोजन यह दिखाता है कि धर्म के नाम पर द्वेष फैलाना केवल समाज के लिए हानिकारक है। जब लोग एक साथ मिलकर पूजा करते हैं, तो वास्तविक संदेश यही है कि इंसानियत धर्म से ऊपर है।”
कार्यक्रम में मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदाय के युवाओं ने मिलकर पूजा स्थल की सजावट और व्यवस्था का जिम्मा उठाया। लोगों ने रंग-बिरंगे फूल, दीपक और सजावट के माध्यम से स्थल को आकर्षक बनाया। इसके अलावा, विसर्जन के समय सभी उपस्थित लोग एक दूसरे के साथ हाथ मिलाकर और शुभकामनाएं देकर लौटे।

सूरज शेख ने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि यह संदेश हर मोहल्ले और शहर में जाए कि त्योहार केवल उत्सव का माध्यम हैं, न कि आपसी लड़ाई या भेदभाव का कारण। हम सब एक साथ रहते हुए समाज को मजबूत बना सकते हैं।”
स्थानीय समाजसेवी अमित वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे धर्म और परंपराओं का सम्मान करें, लेकिन किसी भी स्थिति में इंसानियत को पीछे न छोड़ें।
पूजा स्थल पर बच्चों ने रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी सद्भावना का संदेश दिया। विशेष रूप से युवा और वयोवृद्ध दोनों ही वर्ग के लोग एक साथ मिलकर उत्सव का आनंद ले रहे थे।

स्थानीय प्रशासन ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सौहार्द और विश्वास बढ़ता है। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि विसर्जन के दौरान सभी सुरक्षित रहें और कोई भी अव्यवस्था न हो।
इस प्रकार दुर्गापुर में मुस्लिम युवाओं द्वारा आयोजित काली पूजा ने यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक भेदभाव के बावजूद लोग एक साथ मिलकर त्योहारों का आनंद ले सकते हैं। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की नई मिसाल बन गया।














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