
आसनसोल : बराकर के लखियाबाद क्षेत्र में एक युवक की रहस्यमयी हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कार्तिक बावरी के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी था। घटना के बाद जहां क्षेत्र में तनाव व्याप्त है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और अधिक तूल दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस हत्याकांड को दलित समुदाय के प्रति अत्याचार से जोड़ते हुए राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कार्तिक बावरी की हत्या सोमवार देर रात उसके ही घर के निकट की गई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले कार्तिक ने लॉटरी में एक करोड़ रुपये जीते थे, जिसके बाद से ही उसके आसपास के कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध हो गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हत्या के पीछे लालच और संपत्ति से जुड़ा विवाद प्रमुख कारण हो सकता है।

घटना की जानकारी मिलते ही बराकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम सुराग बरामद किए हैं और जांच के क्रम में कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस बीच, आसनसोल नगर निगम की पूर्व चेयरपर्सन एवं तृणमूल कांग्रेस नेत्री बेबी बावरी को पुलिस ने संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ जारी है और जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य स्पष्ट होंगे।
इधर, भारतीय जनता पार्टी के जिला महासचिव केशव पोद्दार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि “राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। दलित समाज से आने वाले कार्तिक बावरी की बेरहमी से हत्या इस बात का प्रमाण है कि यहां कमजोर वर्ग के लोग सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पोद्दार ने कहा कि अगर इस हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो भाजपा व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि “सरकार को यह समझना होगा कि जनता के सब्र का बांध अब टूटने वाला है। हम दलित और गरीब समाज पर हो रहे अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
स्थानीय नागरिकों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि कार्तिक शांत और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसकी अचानक हुई हत्या से पूरा मोहल्ला स्तब्ध है। कई लोगों ने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता बरत रही है। लखियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
राजनीतिक रूप से यह मामला अब संवेदनशील मोड़ ले चुका है। एक ओर भाजपा इसे दलित उत्पीड़न का मामला बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। हालांकि, इस हत्याकांड ने एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल खड़े कर दिए हैं।














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