
कुल्टी (आसनसोल) : एक करोड़ की लॉटरी जीतकर चर्चित हुए लखियाबाद अपरपाड़ा निवासी कार्तिक बाउरी की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। महज 26 वर्ष की उम्र में अचानक हुई यह हत्या इलाके में सनसनी का विषय बनी हुई है। मृतक का खून से लथपथ शव तृणमूल कांग्रेस की पूर्व बोरो चेयरमैन बेबी बाउरी के घर के बाहर बरामद हुआ, जिससे पूरे वार्ड संख्या 67 में अफरातफरी मच गई।
सुबह की खामोशी तोड़ गया चीखों का शोर
रविवार की सुबह जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी लखियाबाद की गलियों में अचानक चीखें गूंज उठीं। कुछ ही मिनटों में खबर आग की तरह फैल गई — “कार्तिक बाउरी की हत्या हो गई!” लोग दौड़ पड़े उस घर की ओर, जहां कार्तिक का शव खून से सना पड़ा था। दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया और उसे आसनसोल जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने कार्तिक को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और लोग न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।

“मेरे बेटे को बुलाकर मारा गया”— मां का आरोप
मृतक की मां सविता बाउरी ने बराकर फाड़ी में दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि घटना वाले दिन अमरदीप बाउरी ने उनके बेटे कार्तिक को घर बुलाया था। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा, तो वह खुद उसे बुलाने पहुंचीं।उन्होंने बताया, “जैसे ही मैं बेबी बाउरी के घर के बाहर पहुंची, अंदर से मेरे बेटे की चीख सुनाई दी। दौड़कर जब दरवाजे पर पहुंची, तो वह सीढ़ियों पर खून से लथपथ पड़ा था। मेरे सामने उसकी सांसें टूट रहीं थीं।”
पूर्व बोरो चेयरमैन ने बताया ‘दुर्घटना’
दूसरी ओर, तृणमूल की पूर्व बोरो चेयरमैन बेबी बाउरी ने इन आरोपों से साफ इंकार करते हुए कहा कि कार्तिक उनके घर में चोरी के इरादे से घुसा था और भागते समय दीवार से गिर गया। उन्होंने कहा, “मैं निर्दोष हूं, यह मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश है।”हालांकि मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। सविता बाउरी ने कहा, “मेरे बेटे ने पांच महीने पहले ही एक करोड़ रुपये की लॉटरी जीती थी। उसके पास किसी की चीज चोरी करने की कोई वजह नहीं थी। उसे पैसों के लालच में मारा गया है।”
ईर्ष्या और जलन बनी मौत की वजह?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लॉटरी जीतने के बाद से कार्तिक के जीवन में काफी बदलाव आया था। उसने नया घर बनवाना शुरू किया था और परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहा था। लेकिन उसकी अचानक आई समृद्धि ने कुछ लोगों में ईर्ष्या और जलन पैदा कर दी थी।एक पड़ोसी ने बताया, “कार्तिक सीधा-सादा लड़का था। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। पर जब से लॉटरी लगी, कई लोग उसके आस-पास मंडराने लगे थे।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो गिरफ्तार
बराकर पुलिस ने परिजनों की शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए बेबी बाउरी और अमरदीप बाउरी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, संदीप बाउरी और ज्योत्स्ना बाउरी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन और संपत्ति को लेकर विवाद के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना को “लॉटरी मनी मर्डर केस” के रूप में दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की सच्चाई और स्पष्ट हो सकेगी।

न्याय की गुहार और राजनीतिक सरगर्मी
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और तृणमूल दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में लालच और अविश्वास का वातावरण पैदा करती हैं।
अनिश्चित भविष्य में डूबा परिवार
मृतक की पत्नी प्रथमी बाउरी, जो गर्भवती हैं, बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। परिवार के अन्य सदस्य शोक और आक्रोश में हैं। मां सविता बाउरी ने रोते हुए कहा, “पहले भगवान ने हमें खुशियां दीं, अब उसी खुशी का खून कर दिया गया। मेरे बेटे के हत्यारों को फांसी होनी चाहिए।”फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले कार्तिक ने आखिरी बार किससे बात की थी।लॉटरी से मिली किस्मत अब उसकी मौत की वजह बन गई — यही सवाल अब पूरे आसनसोल में गूंज रहा है।














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