
आसनसोल : शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम में कामकाज की पारदर्शिता और कार्य वितरण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई। आश्चर्यजनक रूप से यह विरोध विपक्ष की ओर से नहीं बल्कि सत्तारूढ़ दल के ही एक पार्षद की ओर से सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के वार्ड 41 के पार्षद रणवीर सिंह ने निगम के कार्य आवंटन और खर्च की प्रक्रिया पर अनेक सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की है।
पार्षद रणवीर सिंह ने आरोप लगाया कि निगम के आरएसपी (रोड स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट) सहित कई विकास योजनाओं में असमानता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा वार्डों में करोड़ों रुपये की परियोजनाएँ संचालित हो रही हैं, जबकि कई वार्डों में मूलभूत विकास कार्य भी नहीं पहुँच पा रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी वार्डों के लिए योजनाएँ भेजी गई थीं, तो कार्यों का वितरण असंतुलित क्यों है।

उन्होंने विशेष रूप से वार्ड 84 में हुए कथित करोड़ों रुपये के कार्यों का उल्लेख करते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की। पार्षद का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता अनिवार्य है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में मेयर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इसी के साथ पार्षद ने शहर में पार्किंग आवंटन को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पार्किंग आवंटन में भारी गड़बड़ी हुई है और वास्तविक राजस्व से कई गुना कम पर आवंटन किया गया।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमेयर वसीम उल हक ने कहा कि वह पूर्व और वर्तमान पार्किंग आवंटन संबंधी सभी आंकड़े प्रस्तुत करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम प्रशासन निष्पक्ष है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं मिलेगा।

इस घटनाक्रम से नगर निगम के भीतर असंतोष की स्थिति साफ़ दिखाई दे रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी पार्षद की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शहर में पारदर्शिता और न्यायपूर्ण विकास आवश्यक है। कई नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि सत्तापक्ष के पार्षद ही आवाज उठा रहे हैं तो यह संकेत है कि शहर में योजनाओं के संचालन को लेकर गंभीर प्रश्न मौजूद हैं।
नगर निगम के इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया है और आगामी दिनों में इस मामले पर और बहस होने की उम्मीद है। फिलहाल नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष होगी और शहर के विकास कार्यों में पारदर्शिता स्थापित होगी।














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