
रानीगंज : शनिवार को रानीगंज शहर के बीचोंबीच एक बड़े खाद्य-भेजाल रैकेट का भंडाफोड़ होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस और एक नामी खाद्य कंपनी की कानूनी टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिर्जापाड़ा क्षेत्र स्थित एक तेल मिल से भारी मात्रा में नकली सरसों तेल बरामद किया गया। बताया गया कि स्थानीय घटिया तेल को नामी ब्रांड के टिन में भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। यह कार्रवाई देर रात तक चली और मौके से 100 से अधिक टिन जब्त किए गए।

सूत्रों के अनुसार, कंपनी को लंबे समय से इस इलाके में नकली तेल बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद जांच के आधार पर पुलिस को सूचना दी गई और रात में छापेमारी की गई। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तेल मिल का मालिक भाग निकला। मौके पर मिले टिन, पंपिंग मशीन और अन्य सामानों को जब्त कर लिया गया है।
नकली तेल का कारोबार, उपभोक्ताओं से सीधा धोखा
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों द्वारा नामी ब्रांड के मूल डिब्बों का उपयोग कर निम्न गुणवत्ता वाला स्थानीय तेल भरकर बाज़ार में बेचा जा रहा था। ऐसे उत्पाद देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते थे, जिससे आम उपभोक्ता धोखे का शिकार हो रहे थे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है। उन्होंने बताया कि कंपनी इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

शहर में बढ़ रहे जालसाजी के मामले, जिम्मेदारी पर सवाल
रानीगंज में पिछले कुछ वर्षों से नकली और घटिया उत्पादों के कारोबार का लगातार विस्तार होता दिख रहा है। इससे पहले भी पास के क्षेत्रों में जाली साबुन, डिटर्जेंट और सौंदर्य प्रसाधन बनाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकियों और गश्त के बावजूद इस तरह का बड़ा कारोबार इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा, यह स्वयं में एक बड़ा प्रश्न है।

शहर के वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी गहन नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहते हैं कि ऐसे अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई उपभोक्ता की जान से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। “रानीगंज की विश्वसनीयता और छवि दांव पर लग रही है। प्रशासन को कठोर रुख अपनाना ही होगा,” एक स्थानीय व्यापारी ने कहा।

सतर्क रहें, जागरूकता ही बचाव
विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी कि भोजन से जुड़े उत्पाद खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। ब्रांड लोगो, सील, निर्माण तिथि और पैकिंग में किसी भी गड़बड़ी को गंभीरता से देखें। उन्होंने कहा कि नकली तेल या दूषित खाद्य पदार्थ का उपयोग लंबे समय तक करने से लीवर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
जांच जारी, दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस ने बताया कि मिलीभगत और आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी है। फरार मिल मालिक की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक मिल का मामला नहीं, बल्कि पूरा नेटवर्क हो सकता है, जिसे उजागर करना ज़रूरी है।
रानीगंजवासियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद प्रशासन शहर में नकली उत्पाद बनाने वाले गिरोहों पर और अधिक सख्ती करेगा, ताकि आम जनजीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।














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