
बर्नपुर : बर्नपुर डिप्लोमा इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा भारती भवन स्थित दीपॉनी ऑडिटोरियम में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के सदस्यों ने वर्षभर की गतिविधियों की समीक्षा की और भविष्य की दिशा तय की। सभा में महासचिव लब कुमार मन्ना ने विगत वर्ष की उपलब्धियों और संगठनात्मक प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। वहीं वित्त सचिव सुरजीत चौधरी ने आय-व्यय विवरण पेश किया, जिस पर सदस्यों ने प्रश्न पूछे और वित्त सचिव ने सभी बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब दिए।

सभा में सर्वसम्मति से नई कमेटी का गठन किया गया। नयी कार्यकारिणी में शंकरा राव कर्री को अध्यक्ष, गौतम कुमार नंदी को महासचिव तथा बुद्धेश्वर भगत को वित्त सचिव चुना गया। पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ माजी और पूर्व पदाधिकारियों को सदस्यों ने उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

सभा के बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन ऑफ इस्पात (डीईएफआई) का विशेष कन्वेंशन भी आयोजित किया गया। इसमें डीईएफआई महासचिव नंद किशोर घोष बैराग्य, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश शर्मा, तथा अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मंच पर डिप्लोमा इंजीनियरों के कैडर उन्नयन, पदनाम सुधार और पदोन्नति नीति के संशोधन पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य रूप से जूनियर इंजीनियर पदनाम को प्रभावी तरीके से लागू करने, सेक्शन इंजीनियर पद सृजन और जूनियर मैनेजर के पद पर निष्पक्ष पदोन्नति नीति की मांग दोहराई गई।
डीईएफआई सदस्यों ने बताया कि तकनीकी ग्रेडिंग में डिप्लोमा इंजीनियरों की भूमिका अहम है, इसलिए उन्हें सम्मानजनक पदनाम और पारदर्शी उन्नयन व्यवस्था मिलनी चाहिए। प्रतिनिधियों ने इस्पात उद्योगों में डिप्लोमा इंजीनियरों की बढ़ती भूमिका और तकनीकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सुधार समय की मांग है।

बैठक के दौरान स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियरों ने भी अपने अनुभव साझा किए और पदोन्नति प्रक्रिया में व्याप्त असमानताओं पर चिंता व्यक्त की। संवाद सत्र में सभी सदस्यों ने एकमत से ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जाहिर की। कार्यक्रम के अंत में पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ माजी ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया और संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए अधिक प्रभावी आंदोलन की अपील की।














Users Today : 6
Users Yesterday : 30