
कुल्टी (आसनसोल) : कुल्टी ब्लॉक के सकतोड़िया क्षेत्र में आदिवासी समुदाय ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कड़ा प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों की इस सभा का केंद्र बिंदु था—स्थानीय आदिवासी महिला के साथ हुए कथित दुष्कर्म और आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी। भीड़ नारों, बैनरों और ढोल-नगाड़ों के साथ फाड़ी के सामने एकत्र हुई और न्याय की मांग को बुलंद किया।
घटना से समुदाय में गहरा आक्रोश, कार्रवाई पर सवाल
मामले के अनुसार कुछ दिन पूर्व एक आदिवासी महिला के घर में घुसकर उसकी अस्मिता को रौंदा गया। आरोपित का नाम दीनू गोप बताया जा रहा है, जो घटना के बाद से फरार है। समुदाय का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जबकि पीड़िता और उसका परिवार भय में जी रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की धीमी कार्रवाई ने उनकी पीड़ा को और बढ़ा दिया है।

जुलूस, नारे और जनदबाव में पुलिस
रविवार सुबह से ही विभिन्न गावों के लोग तीर-धनुष, ढोल और पारंपरिक वेशभूषा में एकत्र होने लगे। महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक थी। हाथों में ‘हम न्याय मांगते हैं’, ‘आदिवासी सम्मान हमारा अधिकार’, ‘दोषी को कड़ी सजा दो’ लिखे तख्तियों के साथ जुलूस सकतोड़िया फाड़ी तक पहुंचा।
भीड़ ने नारे लगाते हुए पुलिस पर दबाव बनाया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला मुख्यालय तक आंदोलन ले जाएंगे। कई समाजिक संगठनों ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया।
समुदाय के नेताओं का दो टूक संदेश
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह मामला किसी एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे समुदाय की गरिमा से जुड़ा है। एक प्रवक्ता ने कहा—
“हमारी बहन के साथ हुए अत्याचार को हम किसी भी रूप में स्वीकार नहीं कर सकते। कानून को अपना काम करना होगा, नहीं तो हम अपनी परंपरागत लड़ाई के तरीके अपना सकते हैं।”
नेताओं ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज वर्षों से अपनी जमीन, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करता आया है और आज भी पीछे नहीं हटेगा।
पुलिस ने दिया आश्वासन, लेकिन भरोसा अधूरा
प्रदर्शन बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि आरोपी की तलाश तेज कर उसे शीघ्र हिरासत में लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।
हालांकि ग्रामीणों का एक बड़ा वर्ग आश्वस्त नहीं दिखा और कहा कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

कुल्टी में बढ़ते अपराध पर चिंता
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में क्षेत्र में अपराध बढ़े हैं और महिलाओं की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अधिक सतर्कता और संवेदनशीलता की मांग की।
आगे क्या?
प्रदर्शन के बाद समुदाय ने एक सात-सदस्यीय समिति बनाई है, जो मामले की निगरानी करेगी और पुलिस के संपर्क में रहेगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि पुलिस ने लापरवाही दिखाई तो सड़क जाम, थाने का घेराव और अन्य जन आंदोलन किए जाएंगे।कुल्टी की इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है—क्या समाज की बेटियों को न्याय मिलने में अब भी इंतजार करना पड़ेगा या प्रशासन इस बार जिम्मेदारी निभाएगा?आदिवासी समाज की आवाज अब बुलंद हो चुकी है, और आने वाले दिन इस संघर्ष की दिशा तय करेंगे।














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