
आसनसोल : गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के स्वागत में सोमवार को नगर में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर स्थानीय सिख समुदाय द्वारा गुरु नानक नगर से एक विशाल नगर कीर्तन निकाला गया, जिसमें विभिन्न गुरुद्वारों के श्रद्धालु, संगत और कई विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संगत हाथों में निशान साहिब लिए, शबद-कीर्तन और वाहेगुरु के जयकारों के बीच आगे बढ़ी।
नगर कीर्तन का नेतृत्व आसनसोल गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों ने किया। समिति अध्यक्ष अमरजीत सिंह भरारा ने कहा कि गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व विश्वभर में मिलन, प्रेम और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्यक्रमों की श्रंखला विशेष रूप से तैयार की गई है। नगर कीर्तन गुरु नानक नगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गुरु नानक स्कूल में संपन्न हुआ। रास्ते भर श्रद्धालुओं द्वारा लंगर और मीठे जल की व्यवस्था की गई थी।

विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में शबद गाए और गुरबाणी का पाठ किया। कीर्तन की धुन और ढोल की ताल पर श्रद्धा का वातावरण पूरे क्षेत्र में व्याप्त रहा। समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दो दिनों तक गुरु नानक स्कूल परिसर में कीर्तन दरबार, कथा, अकीर्तन और सेवा कार्यक्रम होंगे।

मुख्य प्रकाश पर्व 5 नवंबर को मनाया जाएगा। उस दिन तड़के प्रभात फेरी निकाली जाएगी और दोपहर में नगर कीर्तन पुनः गुरु नानक स्कूल से प्रारंभ होकर गुरु नानक नगर तक पहुंचेगा। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सहयोग किया। श्रद्धालु संगत ने शांति, सद्भाव और भाईचारे के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।














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