
रानीगंज (आसनसोल): तृणमूल कांग्रेस के सांसद और अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के दिन शुक्रवार को रानीगंज में उनके पोस्टर फाड़े जाने की घटना से राजनीतिक माहौल गरमा गया। वार्ड संख्या 36 के सियारसोल राज हाई स्कूल के सामने हुई इस घटना से तृणमूल समर्थकों में गहरा आक्रोश फैल गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे विपक्षी साजिश बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव, पुलिस तैनात
सूत्रों के अनुसार, सुबह स्थानीय लोगों ने देखा कि स्कूल के पास लगे बड़े पोस्टर में अभिषेक बनर्जी की तस्वीर फटी हुई है, जबकि उसके बगल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पोस्टर सही सलामत था। यह देखकर लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पार्षद दिव्येंदु भगत को दी। खबर फैलते ही मौके पर तृणमूल समर्थकों की भीड़ जुट गई। माहौल को देखते हुए पुलिस को मौके पर बुलाया गया। रानीगंज थाना की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और पोस्टर के टुकड़ों को जब्त किया।

पार्षद ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य एवं वार्ड 36 के पार्षद दिव्येंदु भगत ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए रानीगंज थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हरकत राजनीतिक रूप से प्रेरित है और विपक्षी दलों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि देर शाम तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

टीएमसी ने बीजेपी-माकपा पर लगाया आरोप
पार्षद भगत ने आरोप लगाया कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और माकपा समर्थित असामाजिक तत्वों की मिलीभगत से की गई है। उन्होंने कहा, “यह संयोग नहीं है कि आज ही अभिषेक बनर्जी का जन्मदिन है और उसी दिन उनका पोस्टर फाड़ा गया। इससे यह साबित होता है कि कुछ राजनीतिक ताकतें तृणमूल के बढ़ते जनाधार से बौखला गई हैं।” भगत ने प्रशासन से अपील की कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वोट रक्षा शिविर में लगी थी तस्वीरें
स्थानीय टीएमसी इकाई ने हाल ही में सियारसोल राज हाई स्कूल के समीप “वोट रक्षा शिविर” लगाया था, जहां मतदाता सूची संशोधन और एसआईआर फॉर्म भरने से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। इसी शिविर के प्रवेश द्वार पर पार्टी नेताओं के बड़े-बड़े बैनर लगाए गए थे, जिनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें शामिल थीं। शुक्रवार सुबह जब शिविर खुला, तब अभिषेक का पोस्टर फटा हुआ पाया गया। इससे पार्टी समर्थकों में भारी असंतोष फैल गया।

स्थानीय प्रशासन सतर्क, माहौल शांत करने की कोशिश
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। रानीगंज थाना प्रभारी ने कहा कि “हम मामले की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्टर फाड़ने के पीछे कौन लोग थे। दोषी किसी भी स्थिति में बख्शे नहीं जाएंगे।”
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
घटना को लेकर आम नागरिकों में भी नाराजगी देखी गई। स्थानीय दुकानदारों का कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज में नफरत फैलाने वाली हैं। “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी का पोस्टर फाड़ना असभ्य आचरण है,” एक दुकानदार ने कहा।
राजनीतिक सरगर्मी तेज, विपक्ष पर पलटवार
वहीं, तृणमूल के नेताओं ने इस मुद्दे पर पूरे रानीगंज इलाके में जनसंपर्क अभियान चलाने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ता इस घटना को “लोकतंत्र पर हमला” बता रहे हैं। तृणमूल महिला नेता शांता बाला ने कहा, “जो लोग जनसमर्थन नहीं जुटा पा रहे, वे अब पोस्टर फाड़कर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। जनता सब समझती है।”
रानीगंज में शुक्रवार का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा। अभिषेक बनर्जी के समर्थकों ने कहा कि वे इस घटना से विचलित नहीं होंगे, बल्कि पार्टी और मजबूत होकर जनता के बीच जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और मामले के जल्द खुलासे की उम्मीद की जा रही है।














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