
दुर्गापुर : औद्योगिक नगरी दुर्गापुर में अपराधियों ने शुक्रवार देर रात एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिसने पूरे शहर को दहला दिया। अपराधियों ने पहले पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी, और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर एटीएम मशीन को तोड़कर लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। यह सनसनीखेज घटना दुर्गापुर केमिकल्स कॉलोनी क्षेत्र की है, जहाँ शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात करीब दो से तीन बजे के बीच अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया। जिस एटीएम बूथ को निशाना बनाया गया, वह कॉलोनी के बीचोंबीच स्थित था। अपराधियों ने बड़ी चतुराई से पहले इलाके की बिजली आपूर्ति ठप की ताकि सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइट बंद हो जाएँ। इसके बाद गैस कटर और हथौड़े जैसे औज़ारों से एटीएम मशीन को तोड़ा गया।
शनिवार सुबह जब लोग पैसे निकालने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एटीएम बूथ के शटर का ताला टूटा हुआ है और मशीन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी गायब थे, जिससे यह साफ हो गया कि अपराधियों ने सबूत मिटाने के लिए पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी।

स्थानीय निवासियों में भय और आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही केमिकल्स कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुँच गए। मौके पर मौजूद एक निवासी, श्यामप्रसाद साईं ने बताया—
“रात में अचानक बिजली चली गई थी। हमें लगा कि यह सामान्य ट्रिपिंग है, लेकिन सुबह जब एटीएम टूटा देखा तो समझ में आया कि यह सब सोची-समझी साजिश थी। अपराधियों ने पूरी योजना बनाकर वारदात की है।”
वहीं कॉलोनी निवासी सुदिन ठाकुर ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर शहर के बीचोंबीच स्थित एटीएम भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? अपराधी लगातार निडर होते जा रहे हैं और पुलिस सिर्फ जांच की बात कहती रह जाती है।”

स्थानीय व्यापारियों ने भी रात में गश्त बढ़ाने और एटीएम बूथों की सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि बीते कुछ महीनों में दुर्गापुर के विभिन्न हिस्सों में चोरी और स्नैचिंग की घटनाएँ बढ़ी हैं, लेकिन पुलिस की निगरानी पहले जैसी नहीं दिखती।
पुलिस ने की जांच, बैंक अधिकारियों को बुलाया
घटना की जानकारी मिलते ही कोकोवैन थाना (Cokeoven Police Station) की पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने एटीएम बूथ का मुआयना किया और बैंक कर्मियों को तुरंत बुलाया। बैंक अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर एटीएम की स्थिति देखी और प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि मशीन का कैश बॉक्स पूरी तरह से खाली किया जा चुका है।
पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया और फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। फिलहाल पुलिस आस-पास के क्षेत्रों में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के आने-जाने के सुराग मिल सकें।
कोकोवैन थाना प्रभारी ने बताया कि यह वारदात अत्यंत पेशेवर ढंग से की गई है। “अपराधियों ने बिजली काटकर और कैमरे हटाकर घटना को अंजाम दिया है। इससे साफ होता है कि उन्हें इलाके की पूरी जानकारी थी। हमने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं,” उन्होंने कहा।

बैंक प्रबंधन ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
बैंक के अधिकारियों ने भी घटना पर गहरी चिंता जताई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “एटीएम में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की सिफारिश पहले ही की गई थी, लेकिन स्थानीय प्रबंधन की मंजूरी में देरी हुई। अब यह घटना साबित करती है कि बिना सुरक्षा व्यवस्था के ऐसे बूथों को खुला रखना जोखिमभरा है।”
अधिकारी ने यह भी बताया कि फिलहाल लूटे गए पैसे की सटीक राशि का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह रकम तीन से चार लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।
आम लोगों में दहशत और असुरक्षा की भावना
घटना के बाद से कॉलोनी के लोग दहशत में हैं। कई लोगों ने कहा कि रात के समय इलाके में गश्त बहुत कम होती है और बिजली गुल होने पर कॉलोनी पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती है, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।
स्थानीय निवासी रेखा मुखर्जी ने कहा, “अब तो घर से निकलने में भी डर लगता है। अगर अपराधी इस तरह खुलेआम एटीएम तोड़ सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कौन करेगा?”
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि बैंक प्रबंधन के लिए भी एक चेतावनी है कि शहर में अपराधी तत्व किस तरह योजनाबद्ध तरीके से सक्रिय हैं। दुर्गापुर जैसे विकसित शहर में सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना अब अत्यावश्यक हो गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने रात में संदिग्ध हलचल देखी हो, तो तुरंत सूचना दें ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
फिलहाल, यह मामला पूरे दुर्गापुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस वारदात को प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा ढांचे की कमजोरी से जोड़कर देख रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं कि क्या वह अपराधियों को जल्द पकड़ पाएगी या यह मामला भी बाकी लूट की घटनाओं की तरह धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाएगा।














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