
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के सभागार में रविवार को आसनसोल उर्दू अकादमी की ओर से एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के प्रख्यात लेखक और शिक्षाविद् इम्तियाज अहमद अंसारी की दूसरी पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों में उत्साह का संचार कर दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन आसनसोल नगर निगम के उपमेयर वशिमुल हक ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “उर्दू भाषा केवल साहित्य नहीं, बल्कि हमारे साझा सांस्कृतिक इतिहास की आत्मा है। इसे सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबका कर्तव्य है।”
इस मौके पर एक साहित्यिक सेमिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें उर्दू साहित्य और सामाजिक चेतना के योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। सेमिनार में आसनसोल ही नहीं, बल्कि झारखंड, दुर्गापुर और कोलकाता से आए साहित्यकारों ने भी विचार रखे।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी मोहम्मद हारुन और अब्दुल वजूद अंसारी उपस्थित थे, जिन्होंने अंसारी की पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान मंच से उर्दू के प्रख्यात कवियों और लेखकों को सम्मानित भी किया गया।
विमोचन समारोह के बाद आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में उर्दू साहित्य समाज को जोड़ने और विविधता को सहेजने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस भाषा के संरक्षण के लिए विद्यालयों में उर्दू शिक्षण को प्रोत्साहन देने की भी मांग की।

कार्यक्रम का संचालन अकादमी के सचिव शमीम अख्तर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रईस अहमद ने दिया। सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों और साहित्यप्रेमियों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल साहित्यिक चेतना को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।














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