
आसनसोल : आसनसोल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने निगम प्रशासन पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। इस अवसर पर माकपा नेताओं ने मेयर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
घेराव कार्यक्रम में माकपा के वरिष्ठ नेता तापस कवि, पार्थो मुखर्जी, सत्यजीत चटर्जी, विक्टर आचार्य, वृंदावन दास, मैत्री दास और जयदेव चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान निगम के मुख्य द्वार पर घंटों तक नारेबाजी होती रही। “भ्रष्टाचार बंद करो”, “जनता को न्याय दो” और “निगम प्रशासन हो जवाबदेह” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
पार्टी नेता पार्थो मुखर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आसनसोल नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। कई विकास योजनाओं में वित्तीय अनियमितता और ठेकेदारी में पक्षपात के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “नगर निगम का संचालन अब जनता के नहीं, ठेकेदारों और दलालों के हित में हो रहा है।” माकपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई, पेयजल आपूर्ति और सड़क मरम्मत जैसे बुनियादी कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं।

माकपा ने मेयर से मांग की कि सभी स्वैच्छिक और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों को पुनः प्रारंभ किया जाए, जो पिछले कुछ महीनों से ठप पड़ी हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अवैध निर्माण, टैक्स संग्रह में अनियमितता और भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि दो महीने के भीतर ठोस सुधार नहीं किए गए, तो माकपा बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगी। पार्थो मुखर्जी ने कहा, “हमने मेयर को जनता की पीड़ा बताई है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएं। अन्यथा, हमें सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन छेड़ना पड़ेगा।”

माकपा नेताओं ने यह भी कहा कि वे किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वामपंथी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे निगम में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित आधारित नीति लागू होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, मेयर ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
माकपा का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि शहर में जनसुविधाओं की अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर जनता का असंतोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार का यह विरोध प्रदर्शन नगर निगम प्रशासन के लिए चेतावनी माना जा रहा है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में आसनसोल की सड़कों पर जनविरोध का स्वर और प्रचंड हो सकता है।














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