
आसनसोल : बुधवार को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (ADPC) के पुलिस आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अब पश्चिम बर्धमान जिले के नागरिकों को “यात्री साथी” मोबाइल ऐप के माध्यम से एम्बुलेंस सेवा की सुविधा भी प्राप्त होगी। अब तक यह ऐप केवल कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी की बुकिंग के लिए उपलब्ध था, लेकिन अब आपातकालीन चिकित्सा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस सेवा को भी इससे जोड़ा गया है।
कमिश्नरेट मुख्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में सीपी चौधरी ने बताया कि यह निर्णय जिले के आम नागरिकों, विशेषकर मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता लाना, एम्बुलेंस किराए में एकरूपता सुनिश्चित करना और लोगों को तत्काल चिकित्सा परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर डीसीपी (ट्रैफिक) वी.जी. सतीश पसुमार्थी और एडीसीपी (ट्रैफिक) प्रदीप कुमार मंडल भी उपस्थित थे।
सीपी चौधरी ने बताया कि एम्बुलेंस सेवा को ऐप से जोड़ने से पहले पुलिस प्रशासन ने जिले के 170 एम्बुलेंस संचालकों से संवाद किया, उनकी सहमति प्राप्त की और किराए की संरचना को तय किया गया। अब कोई भी व्यक्ति यात्री साथी ऐप पर जाकर अपने निकटतम एम्बुलेंस की लोकेशन देख सकेगा और उचित किराए पर बुकिंग कर पाएगा।
उन्होंने कहा कि “यह सेवा पूरी तरह से पारदर्शी और ट्रैकिंग सिस्टम से युक्त होगी। मरीजों को अब बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और न ही ओवरचार्जिंग की समस्या झेलनी पड़ेगी। यदि किसी को किसी प्रकार की परेशानी या शिकायत हो, तो वह सीधे पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है।”
सीपी चौधरी ने बताया कि वर्ष 2024 के अगस्त माह में इस जिले में ‘यात्री साथी’ ऐप की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में इस प्लेटफॉर्म पर कैब और ऑटो सेवा उपलब्ध कराई गई थी। अब तक इस ऐप के माध्यम से सात लाख से अधिक यात्राओं का सफल संचालन किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि “यह पहल पश्चिम बंगाल सरकार की जनहितकारी सोच का हिस्सा है। यात्री साथी ऐप का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था में विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ाना है। यात्रियों को उचित किराए पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।”
राज्य सरकार के इस ऐप के तहत पहले से ही कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल और सिलिगुड़ी जैसे शहरों में कैब, बाइक टैक्सी और बस टिकटिंग सेवाएं दी जा रही हैं। अब एम्बुलेंस सेवा के जुड़ने से यह ऐप एक समग्र सार्वजनिक परिवहन प्लेटफॉर्म बन गया है।
स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब एम्बुलेंस सेवा के लिए निजी एजेंसियों के मनमाने रवैये से मुक्ति मिलेगी। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में आसानी होगी और आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवा का खर्च भी नियंत्रित रहेगा।
दुर्गापुर के निवासी सुब्रत घोष ने कहा, “पहले एम्बुलेंस बुलाने में काफी परेशानी होती थी। कभी देर होती थी, कभी किराया बहुत ज्यादा मांगा जाता था। अब ऐप के जरिये सीधी बुकिंग होने से यह सब खत्म हो जाएगा।”

पुलिस आयुक्त ने बताया कि भविष्य में इस ऐप में फायर सर्विस, पुलिस पेट्रोलिंग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सेवाओं को भी जोड़े जाने की योजना है, ताकि जनता को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आपातकालीन सुविधाएं मिल सकें।
सीपी चौधरी ने नागरिकों से अपील की कि वे “यात्री साथी” ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें और यदि कोई एम्बुलेंस संचालक निर्धारित किराए से अधिक राशि की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज मदद के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।”
इस नई सुविधा के साथ पश्चिम बर्धमान जिला राज्य का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहाँ पुलिस की निगरानी में एकीकृत यातायात और स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा है। बुधवार को की गई इस घोषणा को जनता ने राहत भरा कदम बताया और कहा कि यह पहल न केवल आधुनिक पुलिसिंग की मिसाल है, बल्कि मानवता की दिशा में एक प्रशंसनीय प्रयास भी है।














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