आसनसोल : रूपनारायणपुर क्षेत्र में जिला परिषद की एक विशेष टीम ने गौरांडी मार्ग पर बन रही सड़क का विस्तृत निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जनता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण टीम ने स्थल पर पहुंचकर सड़क के कई हिस्सों की बारीकी से जांच की और निर्माण सामग्री के नमूने भी एकत्रित किए।

स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि सड़क निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है और कई स्थानों पर सतह कमजोर दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हाल ही में डाली गई लेयर पर हल्की बारिश में ही दरारें दिखने लगीं, जिससे आशंका है कि आने वाले महीनों में सड़क पूरी तरह उखड़ सकती है। इन शिकायतों ने जिला परिषद को हस्तक्षेप करने पर मजबूर किया।

निरीक्षण टीम में सालानपुर ब्लॉक के वीडियो, जिला परिषद के इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिनिधि, पंचायत समिति के पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे। मौके पर पहुंचते ही टीम ने सड़क की चौड़ाई, डामर की मोटाई, बेस लेयर और सामग्री के मिश्रण की तकनीकी जांच शुरू की। टीम के सदस्यों ने बताया कि प्रयोगशाला में नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में कोई तकनीकी त्रुटि हुई है या नहीं।

जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर संभावित अनियमितताओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों तक सड़क निर्माण कार्य बिना किसी तकनीकी निगरानी के होता रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ रातों में कम रोशनी में जल्दबाज़ी में काम किया गया, जिससे गुणवत्ता पर असर पड़ा।
जिला परिषद के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट आने तक निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सड़क को नए सिरे से बनाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े किसी भी कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण टीम के साथ आए पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि सड़क निर्माण क्षेत्र के गांवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी मार्ग से कई स्कूल, अस्पताल और बाज़ार जुड़े हैं। खराब सड़क के कारण लोगों को रोजमर्रा की यात्रा में परेशानी होती है। वार्षिक वर्षा के समय यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सड़क बनना आवश्यक है।

स्थानीय नेताओं ने कहा कि सड़क निर्माण में विलंब पहले ही लोगों को प्रभावित कर रहा है, ऐसे में यदि गुणवत्ता पर समझौता किया गया तो पूरे क्षेत्र के विकास पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि सड़क निर्माण का कार्य दोबारा और बेहतर तकनीक से करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों तक लोगों को मजबूत सड़क सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संवाद भी हुआ, जिसमें लोगों ने सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और किनारे जल-निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि निकासी की समस्या पहले ही चिन्हित की जा चुकी है और निर्माण पूरा होने से पहले इसकी व्यवस्था की जाएगी।
कुल मिलाकर, निरीक्षण प्रशासन और जनता के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस जांच ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब जनता पहले से अधिक सजग और जागरूक है। अब निगाहें जिला परिषद की आगामी कार्यवाही पर हैं, जो यह तय करेगी कि सड़क निर्माण में सुधार होगा या पुनः निर्माण का आदेश जारी किया जाएगा।














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