आसनसोल : सोमवार को उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अपने निर्धारित दो दिवसीय पश्चिम बंगाल प्रवास के हिस्से के रूप में आसनसोल पहुंचे। कालीपहाड़ी स्थित प्राचीन घाघर बूढ़ी मंदिर में उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों की भीड़ उमड़ने लगी, जिससे पूरा परिसर उत्साह और धार्मिक माहौल से सराबोर हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक स्वागत गीत, ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया।

पूजा के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि बंगाल की जनता सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और धार्मिक स्थलों की विरासत यहाँ की सामाजिक एकता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद के बीच जनता से जुड़ने का अवसर विशेष प्रेरणा देता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझना, क्षेत्र में शिक्षा के अवसरों का आकलन करना और संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करना है। मंत्री ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल के औद्योगिक बेल्ट में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है और आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य (जहां भाजपा शासित राज्यों से सहयोग संभव है) के बीच समन्वय बढ़ाने पर प्रयास किए जाएंगे।

बंगाल में भाजपा की बढ़ती सक्रियता का ज़िक्र
डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड से लेकर बंगाल तक भाजपा कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जनसंपर्क में लगे हुए हैं। “जनता बदलाव चाहती है और यह भावना गांव-गांव में दिखाई दे रही है,” उन्होंने कहा। उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर बंगाल में संगठन बेहद गंभीरता से काम कर रहा है और कार्यकर्ता लगातार बूथ स्तर पर मजबूती की दिशा में प्रयासरत हैं।
स्थानीय मुद्दों पर जनता से सीधा संवाद
मंत्री ने मंदिर परिसर से निकलने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान कालीपहाड़ी और आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, ग्रामीण सड़कों की खराब स्थिति, और बढ़ते जलप्रदूषण पर लोगों ने अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। ग्रामीणों ने खासकर नदी सफाई अभियान को और प्रभावी बनाने की मांग रखी।
डॉ. रावत ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड में चल रहे नदी संरक्षण मॉडल को देखकर बंगाल के कई संगठनों ने भी सीखने की इच्छा जताई है। “समाज की भागीदारी से ही पर्यावरण को बचाया जा सकता है,” उन्होंने कहा।
सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी व्यक्त किए विचार
देश में हाल की घटनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुरक्षा पर किसी तरह का समझौता नहीं करती। राष्ट्रीय स्तर की किसी भी गंभीर घटना पर तुरंत कार्रवाई और पारदर्शी जांच की प्रक्रिया को वर्तमान सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि आज देश की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ है और विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय पहले से अधिक प्रभावी ढंग से काम कर रहा है।

कार्यकर्ताओं में उत्साह, संगठनों की बैठकें तेज
डॉ. रावत के दौरे के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम विभिन्न मंडलों में संगठनात्मक बैठकों का दौर जारी रहा, जिसमें विशेष रूप से आगामी चुनावी रणनीति, जनसंपर्क अभियान और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
मंदिर समिति ने मंत्री को स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनसे आग्रह किया कि उत्तराखंड की तरह बंगाल में भी धार्मिक पर्यटन विकसित करने की दिशा में व्यापक योजना बने। समिति के सदस्यों ने कहा कि घाघर बूढ़ी मंदिर की पहचान पूरे देश में और अधिक बढ़ानी होगी।
अंत में डॉ. रावत ने कहा—“धार्मिक आस्था और विकास, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जनता का विश्वास ही हमारा सबसे बड़ा आधार है, और बंगाल में यही विश्वास रोज़ बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।”इस प्रकार मंत्री के आगमन ने आसनसोल में धार्मिक वातावरण, राजनीतिक सक्रियता और विकास संबंधी चर्चाओं को नई दिशा दी।














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