आसनसोल : कुल्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला नियामतपुर बुधवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब यहाँ हाल ही में हुई दो बड़ी चोरी की वारदातों की जाँच उच्च स्तर पर पहुँची। घटना की गंभीरता और क्षेत्रीय व्यापारियों में व्याप्त असंतोष को देखते हुए बुधवार दोपहर एडीपीसी के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) की विशेष टीम मौके पर पहुँची और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की।

डीडी की टीम ने संभाली जांच, पुलिस भी रही सक्रिय
डीडी टीम का नेतृत्व एसीपी (डीडी) मीर सैदुल अली ने किया। उनके साथ डीडी इंस्पेक्टर प्रसेनजीत दास, तीन सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल मौजूद रहे। नियामतपुर फाँड़ी के इंचार्ज अखिल मुखर्जी तथा आस-पास के पुलिसकर्मी भी जांच में शामिल हुए।
टीम ने दोनों दुकानों में पहुँचकर चोरी के संभावित रास्ते, सेंधमारी की तकनीक, समय-सीमा और संदिग्ध गतिविधियों के सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा की। प्राथमिक रूप से अधिकारियों का ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि दोनों दुकानों को एक ही रात और एक ही तरीके से क्यों निशाना बनाया गया।

व्यापारियों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
घटना पिछले रविवार रात की है, जब नियामतपुर के जीटी रोड से सटी दो दुकानों में चोरों ने सुनियोजित ढंग से सेंध लगाई। पहली दुकान से पचास हजार रुपये नकद गायब हुए, जबकि समीप स्थित एक प्रसिद्ध मोबाइल दुकान से तीस से अधिक मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब अस्सी लाख रुपये बताई जा रही है।
बाजार में एक ही रात में दो दुकानों को निशाना बनाए जाने के बाद व्यापारी समुदाय में आक्रोश फैल गया। कई व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बेहद कमजोर है। इसी कारण चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।

इस विरोध को देखते हुए बुधवार सुबह नियामतपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स और मर्चेंट चैंबर के सदस्यों ने जीटी रोड स्थित नियामतपुर मोड़ पर जाम लगाकर रोष प्रकट किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी, तो बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
जांच को मिला CCTV फुटेज का सुराग
इस मामले में एक अहम पहलू यह है कि दुकानों के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरी के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ कैद हुई हैं। यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुआ है।
जाँच के दौरान अधिकारियों ने फुटेज को कई बार देखा और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इसमें दिख रही हलचल का विश्लेषण किया। अधिकारियों का मानना है कि चोर घटनास्थल से परिचित लगते हैं और वारदात को लेकर पहले से योजना बनाई गई थी।

व्यापारियों की मांग: रात गश्त बढ़े, पुलिस चौकसी हो दुरुस्त
स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं और इससे व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पनप रही है। व्यापारी संगठनों ने सुझाव दिया कि रात में गश्त बढ़ाई जाए, पुलिस पिकेतिंग मजबूत हो तथा संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कवरेज का विस्तार किया जाए।
प्रशासन का आश्वासन: जल्द होगा खुलासा
जाँच में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि डीडी विभाग इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। टीम ने दुकानदारों व आसपास के लोगों से भी बयान लिए हैं और कई तकनीकी साक्ष्यों को जब्त किया है।
नियामतपुर अब पुलिस कार्रवाई की प्रतीक्षा में है।
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चोरी की यह घटना कब और कैसे सुलझेगी। बुधवार को हुई उच्च-स्तरीय जाँच ने उम्मीद जगाई है कि मामला जल्द ही उजागर होगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।














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