आसनसोल : गुरुवार को बीएनआर मोड़ स्थित रवींद्र भवन रंगमंचीय उत्साह से सराबोर रहा, जहाँ जिला तथ्य एवं संस्कृति विभाग ने पश्चिम बंगाल नाट्य अकादमी के सहयोग से चार दिवसीय जिला स्तरीय नाट्य महोत्सव का शुभारंभ किया। यह आयोजन 23 नवंबर तक चलेगा और इस बार महोत्सव अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसे लेकर कलाकारों और रंगकर्मियों में विशेष उत्साह देखा गया।

पश्चिम बर्दवान जिले के इस वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन में स्थानीय और क्षेत्रीय रंगमंच समूहों द्वारा कुल सात विविध धाराओं के नाटकों का मंचन किया जाएगा। यह आयोजन राज्यभर में चल रहे नाट्य सम्मेलनों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मंचकला को एक व्यापक और नई पीढ़ी से जोड़ना है।

उद्घाटन समारोह में मंच को दीप प्रज्वलन के साथ गरिमामय रूप से प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बर्दवान ज़िला परिषद के अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी, आसनसोल नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, उपमेयर अभिजीत घटक, एमएमआईसी गुरुदास चटर्जी सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ रंगकर्मी उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस आयोजन को कला-संस्कृति संरक्षण के लिए आवश्यक बताते हुए सराहना की।

अपने संबोधनों में वक्ताओं ने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण है और ऐसी प्रस्तुतियाँ सामाजिक संवेदनाओं, जन-जागरण और रचनात्मक अभिव्यक्ति को नई दिशा देती हैं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि इस वर्ष नाटकों का चयन सामाजिक मुद्दों, इतिहास, मानवीय संबंधों और व्यंग्यात्मक कथाओं पर आधारित है, ताकि मंच कला की विविधता दर्शकों के सामने प्रस्तुत की जा सके।
रवींद्र भवन के सभागार में पहले ही दिन दर्शकों की बड़ी संख्या उमड़ पड़ी, जिससे स्पष्ट है कि आसनसोल में रंगमंच की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। कई रंगकर्मियों ने इसे युवा कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया, क्योंकि ऐसे आयोजनों से उन्हें अनुभवी निर्देशकों के साथ काम करने और व्यापक दर्शक वर्ग से जुड़ने का मौका मिलता है।

आयोजन समिति ने आशा जताई कि आने वाले तीन दिनों में शहर कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा से सराबोर रहेगा और यह महोत्सव स्थानीय रंगमंच की नई पहचान स्थापित करेगा।














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