दुर्गापुर : शुक्रवार दोपहर का समय अचानक उस वक्त दहशत में बदल गया, जब पश्चिम बर्धमान सहित राज्य के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। शहर के बहुमंजिला अपार्टमेंटों में रहने वाले लोगों ने बताया कि पहले हल्की कंपन हुई, जो कुछ ही क्षण बाद स्पष्ट झटकों में बदल गई। कुछ सेकेंड तक चली इस कंपन ने लोगों को असमंजस में डाल दिया और कई घरों में लोग तेजी से बाहर निकल आए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, भूकंप के दौरान दीवारों में हल्की कंपन महसूस हुई और कई स्थानों पर खिड़कियाँ व दरवाजे हिलते देखे गए। कुछ लोगों ने बताया कि वे कुर्सी पर बैठे हुए अचानक हल्का उठते महसूस हुए, जिसके बाद उन्हें कंपन की वास्तविकता समझ आई। कई परिवारों ने अपने घरों की छतों पर लटके पंखों को हिलते देखा, जबकि पंखे बंद होने के बावजूद उनका झूलना लोगों में भय की स्थिति पैदा कर गया।
दुर्गापुर के सिटी सेंटर, बिधाननगर, बेनाचिटी और न्यू टाउनशिप इलाकों में रहने वाले लोगों ने बताया कि कंपन सामान्य से अधिक तेज था। कई आवासीय टावरों में रहने वाले निवासियों ने सुरक्षित जगह पर पहुँचने के लिए सीढ़ियों का उपयोग किया। लोगों के अनुसार, कंपन लगभग 10 से 12 सेकेंड तक महसूस हुआ, जो कि काफी समय माना जाता है।

भूकंप के झटके महसूस होते ही मोबाइल फोन नेटवर्क पर लोगों की बातचीत अचानक बढ़ गई। कई लोग अपने परिजनों का हालचाल जानने में जुटे रहे। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्गापुर या आसपास के किसी भी इलाके में जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। प्रशासन द्वारा भी अब तक किसी इमारत में दरार या संरचनात्मक क्षति की पुष्टि नहीं की गई है।
भूगर्भीय वैज्ञानिकों के अनुसार, शुक्रवार का यह भूकंप बांग्लादेश के एक क्षेत्र में उत्पन्न हुआ, जिसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। कंपन की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग मध्यम श्रेणी की मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मत है कि इस श्रेणी के भूकंप में बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कंपन अधिक प्रभावी महसूस होते हैं।
दुर्गापुर के निवासियों ने बताया कि भूकंप महसूस होते ही उनके मन में पुराने भूकंपों की यादें ताज़ा हो गईं। कई लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत बाहर निकल गए। कुछ लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान उन्हें चक्कर आने जैसी अनुभूति हुई, जो अचानक हुई हलचल के कारण था।
शहर के कई कार्यालयों में कर्मचारी कुछ समय के लिए बाहर निकल आए। कई लोग अपने कार्यस्थलों पर एक-दूसरे से पुष्टि कर रहे थे कि वे वास्तव में भूकंप था या किसी भारी वाहन की कंपन। दुर्गापुर स्टील प्लांट के आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की। हालांकि, औद्योगिक इकाइयों में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या की रिपोर्ट नहीं मिली है।

भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया। नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क कर दिया गया। कुछ स्थानों पर अधिकारी लोगों से संपर्क कर उनके अनुभवों की जानकारी लेते रहे। प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति में घबराएँ नहीं, बल्कि सुरक्षित प्रोटोकॉल का पालन करें।
राज्य में भूकंप के झटकों का अनुभव अनियमित रूप से होता रहा है, लेकिन शुक्रवार के झटके अपेक्षाकृत स्पष्ट थे। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियाँ कभी-कभी ऐसी प्राकृतिक हलचल का कारण बनती हैं।
फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है और लोग अपने दैनिक कार्यों में लौट गए हैं। हालांकि सुबह की इस घटना ने दैनंदिन जीवन में कुछ समय के लिए हलचल जरूर पैदा कर दी। वैज्ञानिक संस्थान अगले कुछ घंटों में भूकंप के प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन जारी करेंगे। शहरवासी भी प्रशासनिक निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि आगे की स्थिति को लेकर स्पष्टता प्राप्त हो सके।














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