आसनसोल : शनिवार को आसनसोल गर्ल्स कॉलेज का परिसर उल्लास, भावनाओं और सांस्कृतिक समृद्धि से सराबोर रहा। कॉलेज की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्लैटिनम जयंती समारोह की शुरुआत आज अत्यंत भव्य रूप में हुई। दो दिनों के इस महोत्सव का उद्घाटन हर्षोल्लास के बीच हुआ, जिसने कॉलेज के इतिहास, परंपरा और शिक्षा की निरंतर यात्रा को एक नए अध्याय से जोड़ दिया।

सुबह से ही कॉलेज का वातावरण उत्सव की लय में डूबा दिखाई दिया। सुव्यवस्थित मंच, रंग-बिरंगे सजावटी पंडाल और छात्राओं की उमंग ने पूरे कार्यक्रम को एक त्योहार जैसा बना दिया। नगर के बुद्धिजीवियों, पूर्व छात्राओं और कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और भी बढ़ा दी।
मुख्य समारोह का दीप प्रज्वलन — नई ऊर्जा का संचार
कल्याण समन्वय समिति के अध्यक्ष तथा राज्य के वरिष्ठ मंत्री अनिल चक्रवर्ती ने दीप प्रज्वलित कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनकी उपस्थिति पर परिसर तालियों से गूंज उठा। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स कॉलेज ने 75 वर्षों में जो पहचान बनाई है, वह पूरे शहर के लिए गौरव का विषय है।

महान शिक्षिका डॉ. सुचित्रा दे की प्रतिमा का अनावरण — भावुक हुए छात्र-शिक्षक
प्लैटिनम जयंती समारोह के प्रथम दिन कॉलेज परिवार ने अपनी दिवंगत शिक्षिका और पूर्व प्राचार्या डॉ. सुचित्रा दे की प्रतिमा का अनावरण किया। उनके शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदान को याद करते हुए अनेक पूर्व छात्राएँ भावुक हो उठीं। शिक्षकों ने उन्हें कॉलेज की “प्रेरणा स्तंभ” कहा। समारोह की इस महत्वपूर्ण कड़ी ने पूरे परिसर में सम्मान और आत्मीयता की भावना भर दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोह लिया मन — कला और रचनात्मकता की बयार
पहले दिन आयोजित सांस्कृतिक सत्र में छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य, लघुनाटिका, गीत-संगीत और लोक-कला की विविध झलकियां प्रस्तुत कीं। भरतनाट्यम और संथाली नृत्य की प्रस्तुतियों ने सबसे अधिक तालियां बटोरीं। आधुनिक कला विभाग की छात्राओं ने अपने चित्रों की प्रदर्शनी लगाई, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
शनिवार शाम को आयोजित “प्लैटिनम संगीतमय सभा” में कई पूर्व छात्राओं द्वारा समूह गीत प्रस्तुत किया गया, जो कॉलेज के गौरवशाली इतिहास पर आधारित था। रविवार को कार्यक्रम का अंतिम चरण होगा, जिसमें पुरस्कार वितरण और पूर्व छात्रा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
गणमान्यों की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का सम्मान
कार्यक्रम में कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. स्मिता घोष, प्रशासनिक अधिकारी, शहर के कई वरिष्ठ शिक्षा विशेषज्ञ, पूर्व प्राचार्य और अनेकों पूर्व छात्राएँ मौजूद रहीं। सभी अतिथियों ने प्लैटिनम जयंती को कॉलेज के लिए “नए युग की शुरुआत” बताया।

75 वर्षों की यात्रा — शिक्षा, सम्मान और महिला सशक्तिकरण की विरासत
स्थापना के समय केवल कुछ दर्जन छात्राओं से शुरू हुई यह संस्था आज शहर की प्रमुख महिला शिक्षण संस्थानों में शामिल है। हजारों छात्राएँ यहां से निकलकर प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, कला और सामाजिक क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही हैं।
कॉलेज के 75 वर्ष केवल समय का पड़ाव नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सतत यात्रा का प्रतीक हैं। इस अवसर पर छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएँगी।
प्लैटिनम जयंती समारोह का पहला दिन भावनाओं, संस्कृति और उपलब्धियों का उत्सव बनकर यादगार बन गया। रविवार को होने वाला समापन समारोह इस ऐतिहासिक अवसर को और भी विशेष बनाएगा।














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