
आसनसोल : सोमवार को कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी चुनौतियाँ एक बार फिर स्पष्ट रूप से सामने आईं। चुनाव आयोग द्वारा राज्य भर के सभी बीएलओ को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी 4 दिसंबर तक निर्धारित एन्यूमरेशन फॉर्म प्रत्येक मतदाता से भरवाकर कार्यालय में जमा कराएँ। किंतु कुल्टी क्षेत्र के 226 नंबर बूथ के बीएलओ अरुण कुमार मंडल ने इस प्रक्रिया में उत्पन्न हो रही कठिनाइयों का स्पष्ट संकेत दिया है।

मंडल का कहना है कि उनके क्षेत्राधिकार में कुल 1457 मतदाता दर्ज हैं, जिनके घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और पुनः संग्रहण का कार्य अत्यंत समय-साध्य है। एक माह की निर्धारित अवधि में यह संपूर्ण प्रक्रिया निपटाना उनके लिए अत्यधिक दुष्कर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रारंभ से ही अपने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए एक अतिरिक्त सहायक बीएलओ की माँग की थी, ताकि कार्यभार का विभाजन हो सके और समय पर लक्ष्य पूर्ण हो।
उनकी मांग पर तीन दिन पूर्व एक सहायक कर्मचारी तो उपलब्ध करा दिया गया, किंतु उक्त कर्मचारी की आयु लगभग 57 वर्ष है तथा शारीरिक रूप से वह घर-घर जाकर यह श्रमसाध्य दायित्व निभाने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। मंडल ने कहा कि बीएलओ का कार्य केवल फॉर्म वितरण तक सीमित नहीं होता, बल्कि प्रत्येक मतदाता से फॉर्म वापसी, जानकारी का सत्यापन, डेटा प्रविष्टि और अंतिम अभिलेख कार्यालय में जमा कराना भी शामिल है। ऐसे में मात्र एक माह की समय-सीमा में 1457 मतदाताओं का संपूर्ण रिकॉर्ड व्यवस्थित करना एक चुनौतीपूर्ण दायित्व है।

उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद वह प्रतिदिन लंबा क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं तथा प्रत्येक घर तक पहुँचने का प्रयास जारी है। परंतु उन्हें इस बात का आशंका है कि निर्धारित अंतिम तिथि तक सभी फॉर्म प्राप्त कर कार्यालय में सौंप पाना संभव न भी हो सके। मंडल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्य योजना निस्संदेह महत्वपूर्ण है, किंतु ग्राम्य और शहरी मिश्रित क्षेत्रों में बीएलओ की संख्या और वास्तविक मेहनत को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा का पुनर्विचार आवश्यक है।
इधर, जब स्थानीय निवासियों से इस विषय पर प्रतिक्रिया ली गई, तो अधिकांश ने अरुण कुमार मंडल के कार्य की सराहना की। लोगों ने बताया कि वे समय पर घर-घर पहुँचकर फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं और स्वयं ही इन्हें वापस लेकर भी जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि मंडल द्वारा अपने दायित्व में कोई कमी नहीं रखी जा रही है; बल्कि वे अत्यधिक कर्मठता और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं।
निवासियों का कहना था कि एक बीएलओ के लिए इतने विशाल क्षेत्र में 1457 मतदाताओं तक स्वयं पहुँचना आसान नहीं है। फिर भी मंडल प्रतिदिन सुबह से शाम तक लगातार प्रयासरत हैं। नागरिकों ने बताया कि यदि उन्हें एक सक्षम सहायक बीएलओ मिले, तो कार्य की गति दोगुनी हो सकती है और आयोग का लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी डाटा अद्यतन प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, परंतु इसके क्रियान्वयन में क्षेत्रीय परिस्थितियों का ध्यान रखना अनिवार्य है। बीएलओ, जो मतदाता सूची के निर्माण की रीढ़ माने जाते हैं, उनकी संख्या और क्षमता के अनुरूप कार्यभार का वितरण आवश्यक है।
फिलहाल कुल्टी के 226 नंबर बूथ में बीएलओ अरुण कुमार मंडल पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि आगामी 4 दिसंबर तक वे कितना लक्ष्य प्राप्त कर पाते हैं और क्या प्रशासन अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बना पाता है।














Users Today : 26
Users Yesterday : 19