चित्तरंजन/सालानपुर : गुरुवार को सालानपुर ब्लॉक प्रशासन की ओर से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर महत्वपूर्ण अद्यतन सामने आया। चित्तरंजन रेलवे सिटी में चल रही घर-घर सत्यापन प्रक्रिया ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यहां बड़ी संख्या में ऐसे पते मिले हैं जहां मतदाता के नाम तो दर्ज हैं, पर उनका वास्तविक निवास उपलब्ध नहीं है। इसी कारण कई नाम इस बार की सूची में संशोधन के दायरे में आ सकते हैं।

चित्तरंजन रेलवे सिटी में हजारों पते नहीं मिले
सूत्र बताते हैं कि चित्तरंजन क्षेत्र में कुल लगभग 19,700 मतदाता पंजीकृत हैं। लेकिन सत्यापन के दौरान करीब 8,500 ऐसे स्थान मिले जहां संबंधित व्यक्ति या उनका आवास पहचान में नहीं आया। बीएलओ के अनुसार, ये घर वर्षों से बंद थे, कई जगह किरायेदार बदल चुके थे और कुछ स्थानों पर मकान ही ढह गए थे।
प्रशासन इसे “पता अनुपलब्ध” श्रेणी में रख रहा है। इसका सीधा असर मतदाता सूची पर पड़ेगा और उम्मीद है कि बड़ी संख्या में नाम काटने पड़ सकते हैं।
प्रवासन, सेवानिवृत्ति और प्राकृतिक कारणों से भी हजारों नाम संदिग्ध
चित्तरंजन एक औद्योगिक एवं रेलवे क्षेत्र है, जहां नियमित रूप से कर्मचारियों का स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति होती रहती है। प्रशासन का कहना है कि कई मतदाता सेवानिवृत्त होकर दूसरे राज्यों में बस गए हैं।
इसी तरह, बड़ी संख्या में लोग रोजगार या निजी कारणों से झारखंड व अन्य जिलों में जा चुके हैं। कई पुराने पंजीकृत मतदाताओं के निधन की जानकारी भी सत्यापन के दौरान सामने आई।
इन कारणों से भी भारी संख्या में मतदाताओं के नाम संशोधन की सूची में शामिल हो सकते हैं।

सालानपुर ब्लॉक में 99.76% वितरण कार्य पूरा
सालानपुर ब्लॉक के कुल 1,28,591 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,26,000 से अधिक को सत्यापन फॉर्म सौंपे जा चुके हैं।
अब तक 89,183 फॉर्म डिजिटाइज भी हो चुके हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यवाही में तेजी दिखाई दे रही है।
हालांकि ब्लॉक में अभी भी लगभग 8,874 मतदाता ऐसे हैं जिनका पता नहीं मिल सका। वे या तो स्थानांतरित हो चुके हैं या उनके निधन की सूचना अब तक दस्तावेजों में अपडेट नहीं हुई है।
30 हजार फॉर्म अब तक वापिस नहीं, कई नाम छूटने की आशंका
सूत्रों ने बताया कि लगभग 30 हजार लोग ऐसे हैं जिन्होंने फॉर्म तो लिए हैं लेकिन अब तक उन्हें वापस जमा नहीं किया है। इन लंबित फॉर्मों में भी बड़ी संख्या में नाम छूटने या संशोधित होने की संभावना है।
प्रशासन का अनुमान है कि चित्तरंजन तथा सालानपुर के दूसरे इलाकों को मिलाकर अब तक लगभग 17 हजार से ज्यादा नाम अस्थायी रूप से छूट चुके हैं या संशोधन की प्रक्रिया में हैं।

प्रशासन ने नागरिकों को भरोसा दिलाया—“बे वजह न घबराएं”
गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ब्लॉक प्रशासन ने दोहराया कि पूरे क्षेत्र में SIR का कार्य समयबद्ध तरीके से चल रहा है। तकनीकी समस्याओं के बावजूद सरकारी कर्मी घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी का नाम गलती से भी कट गया हो तो निर्धारित समय में पुनः जोड़ा जा सकेगा।
किसी भी समस्या पर तुरंत संपर्क करने की अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कठिनाई की स्थिति में अपने संबंधित बीएलओ, सुपरवाइजर या ब्लॉक कार्यालय से तुरंत संपर्क करें।
बताया गया कि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम सटीक बनाना है ताकि भविष्य के चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हो सकें।
मतदाता सूची के इस व्यापक पुनरीक्षण अभियान ने चित्तरंजन और सालानपुर दोनों क्षेत्रों में हलचल बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि असली मतदाता किसी भी परिस्थिति में सूची से बाहर नहीं होंगे।














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