आसनसोल : बीते रात सालानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपनारायणपुर फाँड़ी के मेजलाडी गाँव में एक असामान्य चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। जिस समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे, उसी दौरान चोरी की वारदात को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।

घटना के अनुसार, मेजलाडी निवासी निजामुद्दीन अंसारी का मकान एनटीपीसी पावर ग्रिड के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर स्थित है। शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के के बीच चोरों ने उनके घर की दीवार के पास मौजूद अंधेरे और सूने हिस्से से सेंध लगाई। घर में तीन कमरे हैं—एक में निजामुद्दीन, उनकी पत्नी और बच्चे सो रहे थे, जबकि दूसरे में उनके माता-पिता आराम कर रहे थे। तीसरा कमरा, जहाँ अलमारी रखी थी, घटना का मुख्य केंद्र बना।
चोरों की चालाकी का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पहले दोनों कमरों को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया, ताकि किसी भी तरह की आवाज़ या हलचल न होने पाए। इसके बाद वे सीधे उस कमरे में पहुँचे जहाँ अलमारी रखी थी। बताया जा रहा है कि चोरों ने ताले को तोड़ने के बजाय अलमारी की चाबी ही ढूँढकर इस्तेमाल किया, जिससे घर का कोई सदस्य जाग नहीं सका।

निजामुद्दीन अंसारी के अनुसार, अलमारी में 50,000 रुपये नकद रखे थे, जो उन्होंने कुछ ही दिन पूर्व तीन गायें बेचकर प्राप्त किए थे। इसके अलावा, सोने के दो झुमके, नथ, चाँदी के कुछ आभूषण और अन्य जरूरी दस्तावेज भी वहीं रखे थे। सुबह जब घर के सदस्यों की नींद खुली और दरवाजे बाहर से बंद मिले, तब घटना का खुलासा हुआ।
निजामुद्दीन ने बताया—
“हम सब कुछ दूरी पर सो रहे थे, लेकिन न कोई आवाज़ आई, न कोई आहट। जब सुबह दरवाज़ा बाहर से बंद मिला, तभी शक हुआ। अंदर जाते ही देखा कि अलमारी खुली है और सारा सामान गायब है।”

सूचना मिलते ही रूपनारायणपुर फाँड़ी की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस टीम ने घर की ज़मीन, दीवारों और अलमारी के आसपास के निशानों का अवलोकन किया। प्रारंभिक जाँच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह चोरी किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा की गई है, जिसे घर और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खँगालनी शुरू कर दी है। एनटीपीसी मुख्य मार्ग पर सुरक्षा कैमरों की उपस्थिति के कारण संभावित है कि चोरों की गतिविधि फुटेज में दर्ज हो गई हो। ग्रामीणों ने इलाके में गश्त और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में चोरी की यह तीसरी घटना है।
स्थानीय लोग इस घटना को सोची-समझी साजिश बताते हुए कहते हैं कि जिस प्रकार परिवार के सोते समय कमरे बाहर से बंद किए गए, वह सामान्य अपराधियों की शैली नहीं, बल्कि प्रशिक्षित और अनुभवी गिरोह का संकेत है।

गाँव के कई लोगों ने यह आशंका जताई है कि ऐसे अपराधों के पीछे स्थानीय मुखबिरों की भूमिका होती है, जो घरों की दिनचर्या और आर्थिक स्थिति की जानकारी चोरों तक पहुँचाते हैं।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच तेज की जाएगी और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में रात में गश्ती दल की तैनाती बढ़ाई जा रही है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, चोरी की इस रहस्यमयी वारदात ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है और लोग अब दरवाज़े के ताले से अधिक डर चुपके से आने वाली परछाइयों से महसूस कर रहे हैं।














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