आसनसोल : राहा लेन स्थित तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालय में सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के ब्लॉक संख्या एक के अध्यक्ष गुरुदास चटर्जी एवं ब्लॉक संख्या दो के अध्यक्ष अनिमेष दास ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए। दोनों नेताओं ने कहा कि बीते 29 नवंबर को गिरजा मोड़ पर भाजपा द्वारा आयोजित जनसभा मात्र दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का मंच सिद्ध हुई।

नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा की बैठक में मंचस्थ वक्ताओं ने राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस के विरुद्ध ऐसे अनेक तथ्यहीन वक्तव्य दिए, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था। उनके अनुसार भाजपा का सम्पूर्ण राजनीतिक आधार झूठ एवं भ्रामक बयानों पर टिका हुआ है। गुरुदास चटर्जी ने कहा कि जनता अब तथ्यों और भ्रम में अंतर समझने लगी है तथा यह भाजपा की सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
तृणमूल नेताओं ने यह भी दावा किया कि भाजपा की सभा में भीड़ जुटाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से लोगों को वाहन एवं धन देकर बुलाया गया था। उनका कहना था कि यदि भाजपा वास्तविक जनसमर्थन का दावा करती है तो उसे भीड़ जुटाने के लिए ऐसी रणनीतियों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए अनिमेष दास ने कहा कि भाजपा द्वारा मंच से प्रस्तुत भाषण वास्तविकता एवं आंकड़ों पर आधारित नहीं थे बल्कि उनमें राज्य सरकार के विकास कार्यों को नकारने का प्रयास स्पष्ट दिखा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सड़क निर्माण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा निरंतर पहल की गई है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिला है।
इस अवसर पर गुरुदास चटर्जी ने घोषणा की कि आगामी 7 दिसंबर को गिरजा मोड़ पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। यह सभा ठीक उसी स्थान पर होगी जहाँ 29 तारीख को भाजपा का कार्यक्रम हुआ था। उन्होंने कहा कि यह सभा भाजपा की जनसभा का लोकतांत्रिक उत्तर होगी, जिसमें तथ्य, योजनाएँ और विकास पर आधारित संबोधन रहेगा, न कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी सभा में कम से कम तीस हजार लोग उपस्थित होंगे और इस भीड़ को जुटाने के लिए किसी प्रकार के प्रलोभन की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की जनता स्वयं आएगी क्योंकि वे सरकार के कार्यों से परिचित हैं और पार्टी की नीतियों पर भरोसा करती है।
पत्रकारों ने जब यह पूछा कि क्या यह आयोजन राजनीतिक टकराव को बढ़ाएगा, तो गुरुदास चटर्जी ने उत्तर दिया कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध सामान्य प्रक्रिया है, परंतु उसे सत्य, सम्मान और मर्यादा के दायरे में रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आगामी सभा में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी ताकि वे स्वयं सत्य का निर्णय कर सकें।














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