चित्तरंजन : गुरुवार को चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (सीएलडब्ल्यू) से जुड़े तकनीकी प्रशिक्षण स्कूल ने विभिन्न ट्रेडों में अप्रेंटिस प्रशिक्षण के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार योग्य अभ्यर्थी आगामी 2 जनवरी तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। कारखाना प्रशासन के अनुसार यह पहल युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल देने और उद्योग की नई आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

मुख्य कार्मिक अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि बिना अनुभव वाले नए अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। युवाओं के लिए यह अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सीएलडब्ल्यू देश की प्रमुख रेल इंजन निर्माण इकाइयों में से एक है और यहां दिए जाने वाले प्रशिक्षण को उद्योग जगत में विशेष महत्व प्राप्त है।
अधिसूचना के अनुसार जिस प्रकार के ट्रेडों में प्रशिक्षण उपलब्ध होगा उनमें फिटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट, टर्नर, पेंटर तथा रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग मैकेनिक शामिल हैं। प्रशासनिक विवरण के अनुसार आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 369 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अतिरिक्त भूतपूर्व सैनिकों के लिए 11 व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 15 सीटें सुरक्षित रखी गई हैं। इस बार फ्रेशर्स यानी अनुभवहीन अभ्यर्थियों को भी पर्याप्त अवसर प्रदान करते हुए कुल 246 सीटें तय की गई हैं, जिनमें भूतपूर्व सैनिकों के लिए 7 तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 9 सीटें शामिल हैं।

प्रशिक्षण अवधि ट्रेड एवं पाठ्यक्रम की प्रकृति के अनुसार एक वर्ष से लेकर दो वर्ष तक निर्धारित की जाएगी। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। फ्रेशर्स के लिए यह राशि 8200 रुपये प्रतिमाह तथा आईटीआई प्रमाणित अभ्यर्थियों के लिए 9600 रुपये प्रतिमाह तय की गई है। उद्योग मेें विशेषज्ञों का मत है कि यह स्टाइपेंड संरचना युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करेगी और स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।
कारखाना प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन होगी। अभ्यर्थियों को निर्धारित स्वरूप में आवेदन तैयार कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रशिक्षण स्कूल के कार्यालय में जमा करना होगा। वहीं, अभ्यर्थियों को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि अधूरी या गलत जानकारी वाले आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया जाएगा।
गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही स्थानीय क्षेत्रों में युवाओं की उत्सुकता बढ़ गई है। कई आईटीआई संस्थानों में इस अधिसूचना की चर्चा होने लगी है और छात्र अपने दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चित्तरंजन का यह अप्रेंटिस कार्यक्रम वर्षों से युवाओं के लिए भरोसेमंद मंच रहा है और इस बार सीटों की संख्या अधिक होने से अधिक अभ्यर्थियों को अवसर मिल सकेगा।

प्रशिक्षण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उद्योग में तकनीकी दक्षता की मांग लगातार बढ़ रही है और रेल इंजन निर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए अवसर भी विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में यह अप्रेंटिस कार्यक्रम युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ वास्तविक अनुभव भी प्रदान करेगा, जिससे उनके करियर में नए रास्ते खुलेंगे।
स्थानीय अभिभावक व अभ्यर्थी उम्मीद जता रहे हैं कि इस वर्ष की चयन प्रक्रिया पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से संपन्न होगी, ताकि प्रशिक्षण सत्र बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को सभी नियमों का पालन करने और समय सीमा से पहले आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी गई है।














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