आसनसोल : गुरुवार को आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने डामरा क्षेत्र के निकट स्थित एक बालू घाट पर अचानक निरीक्षण कर अवैध खनन व अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। बिना किसी पूर्व सूचना के घाट पर पहुंचीं विधायक ने साइट पर खड़े कई ओवरलोड ट्रकों और डंपरों को देखकर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी चाबियाँ जब्त कर लीं। मौके पर मौजूद चालकों को कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

स्थानीयों को बालू नहीं, पर ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा”—विधायक
निरीक्षण के दौरान विधायक ने बताया कि घाट से अनियमित रूप से दिनभर भारी मात्रा में बालू निकाला जा रहा है, जबकि स्थानीय जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा—
“कागजों में यह घाट वैध बताया जाता है, लेकिन वास्तविक स्थिति पूरी तरह अवैध गतिविधियों से भरी है। अत्यधिक लोडेड ट्रक दूर-दराज भेजे जा रहे हैं और आम लोग बालू के लिए परेशान हैं। यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट किया कि अब केवल वैध अनुमति-पत्र और निर्धारित मात्रा वाले वाहनों को ही घाट से सामग्री ले जाने की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बालू की एक अतिरिक्त बोरी भी नहीं जाने दी जाएगी।

पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल
निरीक्षण के दौरान विधायक ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा—
“इतने लंबे समय से घाट पर इस तरह की गतिविधियां कैसे चल रहीं, और पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगती? यह गंभीर प्रश्न है।”
उन्होंने पुलिस को यह भी चेताया कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो वह स्वयं आंदोलन की अगुवाई करते हुए सड़कों पर उतरेंगी।
स्थानीय नागरिकों ने की प्रशंसा
विधायक की इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से बालू माफिया खुले तौर पर ट्रकों को बेरोक-टोक चलाते रहे, जिससे सड़कों की हालत खराब हुई और नदी का स्वरूप भी बिगड़ने लगा।
स्थानीय लोगों ने कहा—
“आज पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। इससे माफियाओं को ठोस संदेश मिला है।”

पर्यावरणीय नुकसान की ओर ध्यान
ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बताया कि अवैध बालू दोहन से नदी के तल में गहराई बढ़ रही है, जिससे कटाव, बाढ़ और पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। अत्यधिक वजन ढोने वाले ट्रक गांवों की सड़कों को खस्ताहाल कर रहे हैं और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा अब महत्वपूर्ण
विधायक की इस मुहिम से घाट पर अवैध गतिविधियां फिलहाल थम गई हैं, लेकिन सभी की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। क्या पुलिस और विभागीय अधिकारी इस मामले में कठोर कदम उठाएंगे, या फिर कुछ दिनों बाद वही गतिविधियां दोबारा शुरू होंगी—यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
फिलहाल, गुरुवार का यह छापा अवैध खनन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और साहसिक पहल माना जा रहा है, जिसने बालू माफियाओं में चिंता और स्थानीय नागरिकों में उम्मीद दोनों पैदा की है।














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