बर्नपुर : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के इस्को इस्पात संयंत्र में चल रही व्यापक आधुनिकीकरण योजना के तहत शाम एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। संयंत्र के 4.08 एमटीपीए विस्तार परियोजना के अंतर्गत कई विभागों को नए स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन एवं रखरखाव कार्यों को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। इस कड़ी में सानमारा गेट के निकट स्थापित नए संचालन गैरेज कार्यालय, स्टोर और कार्यशाला भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया।

नव निर्मित भवन का लोकार्पण आईएसपी के निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। लोकार्पण के दौरान उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण कर फीता काटा तथा पारंपरिक रूप से नारियल फोड़कर भवन के संचालन की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे संयंत्र के विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम बताया।
उद्घाटन समारोह में ईडी वर्क्स विपिन कुमार सिंह, ईडी प्रोजेक्ट्स प्रवीण कुमार, ईडी एमएम संजीव कुमार सिंह, ईडी फाइनेंस राकेश कुमार सिन्हा, सीजीएम इंचार्ज एचआर उमेंद्र पाल सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों का मानना है कि नई कार्यशाला और कार्यालय भवन न केवल परिचालन संबंधी चुनौतियों को कम करेगा, बल्कि विस्तार परियोजना के अगले चरणों को गति प्रदान करेगा।

निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्रा ने कहा कि संयंत्र के विभिन्न विभागों को पुनर्वितरित करना आवश्यकता बन चुकी है, क्योंकि विस्तार परियोजना के साथ कई नई इकाइयाँ जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि—
“नया गैरेज और वर्कशॉप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे उपकरणों के रखरखाव में तेजी आएगी और उत्पादन प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी। हमारा लक्ष्य है कि संयंत्र की हर इकाई अधिक दक्षता के साथ कार्य करे।”

कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि पुराने गैरेज क्षेत्र में स्थान की कमी और बढ़ते कार्यभार के कारण लंबे समय से नई सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए भवन में बड़े आकार के वाहनों और यांत्रिक उपकरणों की मरम्मत एवं स्टोरेज के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। इसके अलावा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है।
आईएसपी के अधिकारियों ने यह भी बताया कि विस्तार परियोजना के तहत धीरे-धीरे कई विभागों को चरणबद्ध तरीके से नए स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों में अवरोध नहीं आएगा और नियमित उत्पादन गतिविधियाँ प्रभावित नहीं होंगी।

उद्घाटन के बाद कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। उनका मानना है कि नए गैरेज और कार्यशाला से कार्य की गति तेज होगी और मशीनों की मरम्मत में समय की बचत होगी। साथ ही यह कदम संयंत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आईएसपी प्रबंधन के अनुसार विस्तार परियोजना का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्पादन को नए स्तर पर पहुँचाना है। इस दिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण है। इस कार्यक्रम को उसी दिशा में उठाए गए सार्थक कदम के रूप में देखा जा रहा है।














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