आसनसोल : आसनसोल के विभिन्न वार्डों से आए नागरिकों ने बिजली आपूर्ति से जुड़े लगातार बढ़ते संकट को लेकर एक विस्तृत बैठक आयोजित की। इस बैठक में शहर की बदहाल विद्युत व्यवस्था, मरम्मत में देरी, मीटर रीडिंग की गड़बड़ियों और अधूरे पड़े सड़कों के कार्य को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया गया। बैठक में उपस्थित जिम्मेदार अधिकारियों से लोगों ने साफ कहा कि अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए—क्योंकि बिजली का संकट सीधे जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।

रविवार की इस विशेष बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा अस्थिर बिजली आपूर्ति रहा। नागरिकों ने बताया कि बीते कई हफ्तों से आसनसोल के कई इलाकों में दिनभर में कई-कई बार बिजली कट रही है। इससे आम लोगों के घरेलू उपकरण खराब हो रहे हैं, छोटे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है और छात्रों की पढ़ाई और ऑनलाइन कार्य बाधित हो रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली चले जाने से बूढ़े-बच्चों तक को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि बिजली की स्थिर आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
इसके बाद मीटर रीडिंग की गड़बड़ी का मामला सामने आया। नागरिकों ने बताया कि कई जगह मीटर रीडर महीनों तक घरों में नहीं आते और उसके बाद अचानक अनुमानित रीडिंग के आधार पर ऊंचे बिजली बिल भेज दिए जाते हैं। उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने वाली इस प्रणाली को सुधारने की मांग जोर-शोर से उठी। लोगों ने कहा कि गलत बिलों को ठीक कराने में महीनों का समय लग जाता है और कई बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस मुद्दे पर अधिकारियों ने स्वीकार किया कि रीडिंग प्रणाली में खामियां हैं और इसे सुधारने के लिए विशेष दल बनाया जाएगा।
बैठक में खास तौर पर जर्जर बिजली पोलों और लटकती तारों का मामला भी उठाया गया। कई लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्रों में पुराने लोहे के पोल झुक चुके हैं और किसी भी समय गिरने का खतरा बना हुआ है। बरसात के दौरान ऐसे पोल और तार और भी खतरनाक हो जाते हैं। नागरिकों ने कहा कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि विभाग समय रहते इन पोलों को बदल दे। अधिकारियों ने इस संबंध में सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का आश्वासन दिया।
सबसे अधिक नाराजगी अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद अधूरे छोड़े गए सड़क कार्य को लेकर देखने को मिली। लोगों ने बताया कि बिजली विभाग ने कई मुख्य सड़कों पर खुदाई की, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़क को पुनः ठीक नहीं कराया गया। इससे जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि गड्ढों ने व्यापार तक प्रभावित कर दिया है, क्योंकि सड़क खराब होने से ग्राहक कम आने लगे हैं। नागरिकों ने मांग की कि विभाग सड़क मरम्मत के लिए स्पष्ट समयसीमा घोषित करे।

इस रविवार हुई बैठक में नागरिकों की आवाज को बल मिला, क्योंकि कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मलय घटक, आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय, तृणमूल जिला अध्यक्ष एवं विधायक नरेंद्र चक्रवर्ती, तथा बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने लोगों की शिकायतें सुनकर स्वीकार किया कि शहर की बिजली व्यवस्था में कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी समस्या पर त्वरित कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को बिना कारण परेशान न किया जाए।
बैठक के अंत में नागरिकों ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि आगामी दिनों में शहर की विद्युत व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। इस संवाद में लोगों की एकजुटता साफ झलक रही थी—और इसी एकजुटता ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब समस्या सुनने का दौर समाप्त हो चुका है, समाधान का समय शुरू होना चाहिए।















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