दुर्गापुर : बुधवार का दिन शहर में तनाव और विरोध के माहौल के नाम रहा। कुछ निजी शिक्षण संस्थानों पर धार्मिक ध्रुवीकरण तथा आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद सनातनी एकता मंच ने दुर्गापुर थाना परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मंच के सदस्यों का आरोप है कि शहर के कुछ स्कूल–कॉलेजों में छात्रों को योजनाबद्ध तरीके से गुमराह किया जा रहा है। विशेष रूप से हिंदू समुदाय के छात्रों को निशाना बनाकर उनकी आस्था और सामाजिक सोच को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि संस्थानों की आड़ में कुछ तत्व बच्चों की कोमल मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, जो न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए बल्कि समाज की एकता के लिए भी खतरा है। उनका दावा है कि विद्यार्थियों को भ्रमित करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन और गलत जानकारियाँ दी जा रही हैं, जिसके बारे में कई अभिभावकों ने भी चिंता जताई है।
थाने के बाहर इकट्ठा भीड़ ने नारों के बीच पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने की अनुमति दी और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी।
उधर, प्रदर्शन में शामिल बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल ने भी मंच के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा—
“अगर शिक्षा संस्थानों में बच्चों के विचार और विश्वास को तोड़ने की कोशिश हो रही है, तो यह राज्य के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाना चाहिए जो छात्रों को गलत दिशा में धकेलते हैं।”
उन्होंने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग दोहराई। उनका कहना था कि बच्चों के मन में उथल-पुथल पैदा करने का प्रयास समाज में दूरगामी रूप से अविश्वास और विभाजन को जन्म देता है।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपों की जांच नियमानुसार की जाएगी। संबंधित शिक्षण संस्थानों से भी आवश्यक जानकारी मांगी जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाई गई, तो सख्त कार्रवाई तय है। अधिकारियों ने कहा कि अभिभावकों या छात्रों की ओर से शिकायत दर्ज होने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे।

इस घटना के बाद शहर में शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल निर्भय, निष्पक्ष और स्वस्थ होना चाहिए, जहाँ धार्मिक या राजनीतिक प्रभाव बिल्कुल न हो।
बुधवार का यह विरोध प्रदर्शन स्पष्ट संकेत देता है कि यदि मामले में प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।















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