बीएलओ का दबाव बढ़ा, डिजिटल गड़बड़ियों पर फूटा रोष

Facebook
Twitter
WhatsApp

सालानपुर/आसनसोल :  चुनाव संबंधी तैयारियों में लगातार बढ़ती डिजिटल जटिलताओं और प्रशासनिक दबाव के खिलाफ शुक्रवार सुबह सालानपुर ब्लॉक के बीएलओ एकजुट होकर खुले विरोध के मंच पर उतर आए। बीडीओ कार्यालय के बाहर 140 से अधिक बीएलओ तख्तियां और पोस्टर लेकर खड़े हुए और चुनावी सिस्टम में हो रही अनियमितताओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। सुबह से ही कार्यालय परिसर में कर्मचारियों का हुजूम बढ़ता गया, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनकारी हो गया।

IMG 20240918 WA0025

नए निर्देशों की बाढ़ से तनाव में फील्ड कर्मी
बीएलओ का कहना है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी कार्य पूर्व निर्धारित समय में पूर्ण कर दिए गए थे। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की ओर से लगातार नए ऐप, नए पोर्टल और नए सत्यापन प्रक्रिया के आदेश जारी किए जा रहे हैं।

एक महिला बीएलओ ने नाराजगी जताते हुए कहा—“हमने महीनों तक सुबह से रात तक मेहनत कर फॉर्म जमा किए, ऑनलाइन अपलोड किए और घर-घर सत्यापन भी किया। अब फिर से नए ऐप में वही काम दोहराने को कहा जा रहा है। आखिर तकनीकी त्रुटियों का बोझ कर्मचारियों पर क्यों थोप दिया जा रहा है?” दूसरे कर्मचारी ने कहा कि ऐप बार-बार क्रैश हो जाता है, फॉर्म अपलोड नहीं होते और सर्वर इतना धीमा है कि एक प्रविष्टि करने में भी घंटों लग जाते हैं।

बीडीओ को सौंपा पक्ष, समाधान की मांग
प्रदर्शन के बीच प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ से मुलाकात कर अपनी समस्याएँ विस्तार से बताईं। बीएलओ ने मांग उठाई कि—जिन फॉर्म में गंभीर त्रुटि हो, केवल उन्हीं का सत्यापन कराया जाए बार-बार ऐप बदलने का सिलसिला रोका जाए डिजिटल प्रक्रियाओं को व्यवहारिक और सरल बनाया जाए चुनावी कार्यों के स्पष्ट दिशा-निर्देश एक ही बार में जारी किए जाएँ बीएलओ ने स्पष्ट कहा कि निरंतर बदलते निर्देश मानसिक तनाव बढ़ा रहे हैं और समय पर अन्य प्रशासनिक कार्य करना मुश्किल हो रहा है।

IMG 20250511 WA0050

हम सिस्टम का हिस्सा हैं, बोझ ढोने की मशीन नहीं” — बीएलओ
कर्मचारियों ने कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। एक बीएलओ ने कहा—
“हम जनता के बीच जाकर सीधा काम करने वाले लोग हैं। हमें मशीनों की तरह आदेश नहीं दिए जा सकते। हमें भी समय, साधन और स्पष्ट दिशानिर्देश चाहिए।”

स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज
प्रदर्शन को देखने के लिए आसपास के लोग भी रुकते रहे। कई लोगों ने कर्मचारियों के पक्ष का समर्थन किया। स्थानीय निवासी बोले—
“अगर फील्ड कर्मचारी ही परेशान रहेंगे तो मतदाता सूची तैयार करने का काम कैसे सटीक होगा? सरकार को इनकी समस्याएँ तुरंत सुननी चाहिए।”

बड़ी चेतावनी—“समाधान नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा”आंदोलन के अंत में बीएलओ ने साफ कहा कि यदि अगले कुछ दिनों में ठोस समाधान नहीं आता, तो वे सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार तक का निर्णय ले सकते हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।सालानपुर ब्लॉक में बीएलओ का इस तरह संगठित विरोध पहली बार देखा गया है, जिसने चुनावी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक दबावों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 2 6
Users Today : 9
Users Yesterday : 37