अपंजीकृत टोटो पर सख्ती, रानीगंज में विशेष पंजीकरण शिविर शुरू

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रानीगंज :  राज्य सरकार द्वारा टोटो पंजीकरण को अनिवार्य किए जाने के बाद पश्चिम बर्दवान जिले में परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को रानीगंज में इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त अभियान के साथ-साथ विशेष पंजीकरण शिविर की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य बिना रजिस्ट्रेशन सड़कों पर दौड़ रहे टोटो पर नियंत्रण स्थापित करना और समय रहते टोटो मालिकों को कानूनी दायरे में लाना है।

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परिवहन विभाग ने पहले टोटो पंजीकरण की अंतिम तिथि नवंबर तय की थी, लेकिन जमीनी हकीकत को देखते हुए अब इस समय सीमा को बढ़ाकर दिसंबर महीने तक कर दिया गया है। इसके बावजूद स्थिति यह है कि जिले की सड़कों पर अब भी बड़ी संख्या में अपंजीकृत टोटो नजर आ रहे हैं। इन्हीं हालात को देखते हुए शनिवार से रानीगंज में विशेष पंजीकरण शिविर शुरू किया गया, ताकि टोटो मालिकों और चालकों को एक ही स्थान पर सुविधा मिल सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विशेष शिविर रानीगंज के 2 नंबर बोरो ऑफिस के समीप स्थित वाणिज्यिक भवन में लगाया गया है। शिविर में मुख्य रूप से वर्ष 2020 के बाद खरीदे गए असेंबल्ड टोटो का पंजीकरण किया जा रहा है। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, इन टोटो का रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं होने के कारण वे पूरी तरह अवैध श्रेणी में माने जा रहे थे, जिससे चालकों और यात्रियों दोनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे थे।

पंजीकरण के लिए टोटो मालिकों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ब्लड ग्रुप रिपोर्ट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके अलावा निर्धारित शुल्क के रूप में 2845 रुपये लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह शुल्क सरकारी नियमों के तहत तय है और इसके बाद टोटो को वैध पहचान मिल जाएगी।

हालांकि, शनिवार को शिविर के शुरुआती चरण में पंजीकरण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी देखी गई। कई टोटो मालिक अब भी प्रक्रिया को लेकर असमंजस में नजर आए। इसे देखते हुए आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज करने का फैसला किया है। लाउडस्पीकर, सूचना पर्चियों और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से चालकों को यह समझाया जा रहा है कि तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि असेंबल्ड टोटो और ई-रिक्शा की प्रक्रिया अलग-अलग है। ई-रिक्शा, जो अधिकतर रजिस्टर्ड डीलरों द्वारा बेचे जाते हैं, उनका पंजीकरण सीधे संबंधित डीलर के माध्यम से ही होगा। ऐसे वाहन मालिकों को अपने-अपने शोरूम से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। शिविर में केवल असेंबल्ड टोटो के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना पंजीकरण टोटो न केवल यातायात व्यवस्था बिगाड़ते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाते हैं। कई मामलों में वाहन चालक की पहचान और वाहन के कागजात नहीं होने के कारण कार्रवाई में दिक्कत आती है। पंजीकरण के बाद इन समस्याओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।

शनिवार को चल रहे इस अभियान को लेकर आम लोगों में भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ यात्रियों ने इसे सुरक्षित परिवहन की दिशा में जरूरी कदम बताया, तो वहीं कुछ टोटो चालकों ने शुल्क और दस्तावेजों को लेकर चिंता जताई। प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा है, लेकिन लंबे समय में इससे व्यवस्था बेहतर होगी।

आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि दिसंबर के बाद सड़कों पर बिना पंजीकरण टोटो पाए जाने पर जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में टोटो मालिकों के लिए यह अंतिम अवसर है कि वे शनिवार से शुरू हुए इस विशेष शिविर का लाभ उठाकर अपने वाहन को वैध बना लें और निर्भय होकर सड़कों पर परिचालन कर सकें।

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