आसनसोल : बुधवार को ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने मॉडिफाई साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों पर विशेष अभियान चलाया। आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के व्यस्त जुबली मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अचानक हुई जांच के कारण सड़क पर चल रहे बाइक सवारों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाई साइलेंसर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे साइलेंसर न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहे हैं। अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों और रिहायशी इलाकों में इस तरह की तेज आवाज से बुजुर्गों, मरीजों और छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ता है। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने सड़क से गुजर रही कई मोटरसाइकिलों को रोका और उनके साइलेंसर की जांच की। जिन वाहनों में अवैध रूप से मॉडिफाई साइलेंसर लगे पाए गए, उन्हें मौके पर ही चेतावनी दी गई और कुछ मामलों में साइलेंसर हटाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में दोबारा पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ युवा और छात्र तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाकर जानबूझकर शोर मचाते हुए वाहन चला रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और बताया कि यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि समाज के प्रति गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार भी है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में जुर्माना, वाहन जब्ती और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रैफिक प्रभारी ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के अन्य व्यस्त चौराहों, बाजार क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में भी आने वाले दिनों में इसी तरह की सघन जांच की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि देर रात और सुबह के समय तेज आवाज वाले साइलेंसर से नींद और दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होती थी। कई बार बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई राहत देने वाली है।
पुलिस प्रशासन ने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह का अवैध बदलाव न करें और मानक साइलेंसर का ही उपयोग करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि सड़क सुरक्षा और शांत वातावरण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन करने से न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि शहर को सुरक्षित और शांत भी रखा जा सकता है।















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