पश्चिम बर्धमान : कांकसा। बुधवार की सुबह पानागढ़ बाजार में एक मामूली यातायात विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक यात्री बस और ट्रक के चालक–खलासियों के बीच पहले निकलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी हिंसा में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर ट्रक के खलासी ने लोहे की वस्तु से बस के शीशे पर हमला कर दिया, जिससे कांच चकनाचूर हो गए और बस में सवार कई यात्रियों को हल्की चोटें आईं।

घटना पानागढ़ बाजार के गुरुद्वारा के समीप हुई, जो हमेशा से ही व्यस्त और भीड़भाड़ वाला इलाका माना जाता है। बस के शीशे टूटते ही यात्रियों में दहशत फैल गई। अचानक हुए हमले से लोग जान बचाने के लिए घबराकर बस से नीचे उतरने लगे। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार सुबह नवद्वीप से आसनसोल की ओर जा रही एक यात्री बस जब पानागढ़ बाजार में प्रवेश कर रही थी, उसी दौरान सड़क के बीचों-बीच एक ट्रक खड़ा था। बस चालक ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिस पर ट्रक के खलासी से विवाद हो गया। पहले यह बहस तक सीमित रही, लेकिन देखते ही देखते मामला हाथापाई और तोड़फोड़ में बदल गया। आरोप है कि ट्रक खलासी ने लोहे की रॉड जैसी किसी वस्तु से बस के शीशों पर वार कर दिया।
घटना से आक्रोशित बस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने विरोध में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इसके कारण कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार्यालय जाने वाले लोग, स्कूल बसें और मालवाहक वाहन सभी जाम में फंस गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
सूचना मिलते ही कांकसा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की और जाम हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान पानागढ़ बाजार के निवासी और तृणमूल कांग्रेस नेता संदीप महल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और पुलिस की सक्रियता से धीरे-धीरे हालात काबू में आए।
संदीप महल ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मामूली विवाद के कारण यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने बताया कि समय रहते हस्तक्षेप होने से बड़ी अनहोनी टल गई। बाद में यात्रियों को दोबारा बस में बैठाया गया और क्षतिग्रस्त शीशों के बावजूद बस को सावधानीपूर्वक उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

उन्होंने प्रशासन का ध्यान पानागढ़ बाजार की गंभीर यातायात समस्या की ओर भी खींचा। उनका कहना था कि क्षेत्र की आबादी और व्यावसायिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सड़क का विस्तार और यातायात प्रबंधन उसी पुराने ढर्रे पर चल रहा है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों और यात्री बसों की आवाजाही से रोजाना विवाद और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पानागढ़ बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे विवाद और बड़े हादसों से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शांति बनाए रखने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।















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