अंडाल से साइबर ठग गिरफ्तार, जामताड़ा नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा

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दुर्गापुर :  रविवार को साइबर अपराध के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल एयरपोर्ट इलाके से तीन शातिर साइबर ठगों की गिरफ्तारी ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों में भी हलचल मचा दी है। दिल्ली के एक नागरिक से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में इन तीनों को पकड़ा गया है। दुर्गापुर महकमा अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद न्यू दिल्ली पुलिस आरोपियों को सड़क मार्ग से राजधानी ले गई।

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दिल्ली से शुरू हुई जांच, अंडाल तक पहुंचे तार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले नई दिल्ली के एक व्यक्ति ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये निकाल लिए गए थे। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि ठगी किसी संगठित गिरोह द्वारा की गई है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल कॉल डिटेल, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड तथा डिजिटल फुटप्रिंट को खंगालना शुरू किया।

तकनीक बनी पुलिस की सबसे बड़ी ताकत

जांच के दौरान मोबाइल टावर लोकेशन ने अहम भूमिका निभाई। साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि वे पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में सक्रिय हैं। विशेष रूप से अंडाल थाना क्षेत्र में इनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत अंडाल पहुंची और स्थानीय पुलिस से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।

एयरपोर्ट इलाके से दबोचे गए तीनों आरोपी

शुक्रवार को अंडाल एयरपोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में छापेमारी की गई। इस दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ के बाद साइबर ठगी में उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत कुमार मंडल, अजय कुमार मंडल और मेहबूब अंसारी के रूप में हुई है। तीनों को अंडाल थाना पुलिस की मदद से औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

जामताड़ा गिरोह से जुड़े होने का शक

पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपी कुख्यात जामताड़ा साइबर गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में फर्जी कॉल, ओटीपी ठगी, डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों को हैक करने जैसे तरीकों से लोगों को चूना लगाता रहा है। शुरुआती पूछताछ में संकेत मिले हैं कि इन आरोपियों के संपर्क देश के अन्य हिस्सों में फैले साइबर अपराधियों से भी हैं।

अदालत से ट्रांजिट रिमांड, दिल्ली रवाना

शनिवार को तीनों आरोपियों को दुर्गापुर उप-मंडलीय अदालत में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता बताते हुए ट्रांजिट रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने आरोपियों को सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाने की प्रक्रिया पूरी की। अब दिल्ली में उनसे गहन पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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इलाके में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

गौरतलब है कि अंडाल और दुर्गापुर-आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र पिछले कुछ समय से साइबर अपराधियों के ठिकाने के रूप में सामने आ रहा है। इससे पहले भी उखड़ाग्राम, अंडाल साउथ बाजार और दुर्गापुर-फरीदपुर थाना क्षेत्र के इच्छापुर इलाके से जामताड़ा गिरोह के कई सदस्य पकड़े जा चुके हैं। बार-बार हो रही इन गिरफ्तारियों ने साफ कर दिया है कि साइबर ठग औद्योगिक इलाकों की आड़ में अपना नेटवर्क फैला रहे हैं।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन से सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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