दुर्गापुर : खनन क्षेत्र की एक आवासीय कॉलोनी में लंबे समय से चला आ रहा जल संकट मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। पांडवेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ईसीएल की बाँकोला एरिया स्थित स्टाफ कॉलोनी (बी टाइप) में जब लगातार कई दिनों तक पानी नहीं आया, तो कॉलोनी की महिलाओं का सब्र टूट गया। आक्रोशित महिलाओं ने पंप हाउस पहुंचकर उस पर ताला जड़ दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित कदम से पूरे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कॉलोनी में पेयजल की आपूर्ति पाइपलाइन के माध्यम से की जाती है। यह कॉलोनी ईसीएल कर्मियों और उनके परिवारों का स्थायी आवास है, जहां सैकड़ों लोग रहते हैं। बीते मार्च महीने से ही पानी की सप्लाई नियमित नहीं थी। कभी सुबह पानी आता, तो कभी शाम तक इंतजार करना पड़ता। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से स्थिति और गंभीर हो गई, जब जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि पानी नहीं होने से घरेलू जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। खाना पकाने, बर्तन धोने, स्नान और बच्चों की साफ-सफाई जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी करना मुश्किल हो गया। कई परिवारों को मजबूरी में दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा था। इससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
निवासी सोमा मुखर्जी और संगीता कुमारी ने कहा कि समस्या को लेकर पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से जानकारी दी गई थी। आश्वासन तो मिले, लेकिन हालात जस के तस बने रहे। उन्होंने बताया कि जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई, तब महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध का रास्ता अपनाने का फैसला किया। उनका कहना था कि “पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी अगर आंदोलन करना पड़े, तो यह प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।”
मंगलवार सुबह महिलाओं ने पंप हाउस के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी शुरू की और फिर पंप हाउस में ताला जड़ दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की हिंसा की सूचना नहीं मिली।
घटना की जानकारी मिलने के बाद खनन कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि जल आपूर्ति बाधित होने का कारण तकनीकी है और इसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाओं ने ताला खोल दिया और प्रदर्शन समाप्त किया।

कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंप हाउस की मोटर में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण पानी की सप्लाई रुक गई। उन्होंने कहा कि मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और बहुत जल्द कॉलोनी में फिर से नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा।
हालांकि, कॉलोनी के लोगों का कहना है कि वे केवल अस्थायी आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि अगर पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उन्हें फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। लोगों ने मांग की है कि पुरानी पाइपलाइन की जांच की जाए और पंप हाउस की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए।
मंगलवार की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खनन क्षेत्र जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक बस्तियों में भी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी क्यों हो रही है। फिलहाल जल संकट को लेकर कॉलोनी में चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है, और सभी की निगाहें कंपनी द्वारा किए गए वादों के पूरा होने पर टिकी हैं।















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