आसनसोल : मंगलवार को पश्चिम बंगाल लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग से जुड़े ठेका श्रमिकों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। महीनों से वेतन न मिलने और लंबित मांगों की अनदेखी से नाराज़ सैकड़ों श्रमिकों ने आसनसोल के बीएनआर मोड़ पर जोरदार प्रदर्शन कर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। यह इलाका शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में गिना जाता है, जहां कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

‘ऑल बंगाल पीएचई ठेकेदार एम्प्लॉईज यूनियन’ की जिला कमेटी के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में पश्चिम बर्धमान जिले के लगभग 1200 ठेका कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी को सितंबर से तो किसी को अक्टूबर महीने से वेतन नहीं मिला है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वेतन रुकने से श्रमिकों के सामने रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की पढ़ाई जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों में पंप ऑपरेटर, बल्ब ऑपरेटर, क्लोरीन ऑपरेटर और सफाईकर्मी जैसे अहम पदों पर कार्यरत श्रमिक शामिल हैं। ये सभी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े हुए हैं और शहर तथा ग्रामीण इलाकों में पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रमिकों का आरोप है कि वे आवश्यक सेवा का काम करने के बावजूद लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
मंगलवार दोपहर जैसे ही श्रमिकों की भीड़ बीएनआर मोड़ पर जमा हुई, नारेबाजी तेज हो गई और सड़क पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। जाम के कारण स्कूल बसें, एंबुलेंस और दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। कई यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ को पैदल ही गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसनसोल पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली करने और यातायात बहाल करने की अपील की, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा।

श्रमिक नेताओं का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों से वेतन भुगतान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। न तो बकाया वेतन का भुगतान हुआ और न ही भविष्य में नियमित भुगतान को लेकर कोई ठोस योजना सामने आई। इसी वजह से श्रमिकों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और हर महीने समय पर वेतन देने की व्यवस्था नहीं बनी, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ठेका श्रमिकों की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर दिया है।















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