आसनसोल : कुल्टी के आलडी मैदान में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की जनसभा में दिग्गज अभिनेता व भाजपा नेता मिठुन चक्रवर्ती ने तीखे शब्दों में राज्य की राजनीति और सामाजिक हालात पर अपनी बात रखी। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए मिठुन चक्रवर्ती ने कहा कि बंगाल की धरती ने हमेशा बहुलता, सहिष्णुता और सांस्कृतिक समरसता को अपनाया है, लेकिन मौजूदा हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं के साथ हो रही घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं और उनसे सबक लेने की जरूरत है। उनके अनुसार, इतिहास गवाह है कि जब समाज समय रहते एकजुट नहीं हुआ, तो परिणाम गंभीर रहे हैं।

मिठुन चक्रवर्ती ने लोगों से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और राज्य में एक सशक्त विकल्प को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि मजबूत सरकार ही सीमाओं की सुरक्षा, घुसपैठ पर नियंत्रण और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेना होगा।
जनसभा में उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें, लेकिन मतदान के समय राज्य के दीर्घकालीन हित को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि जनधन से चलने वाली योजनाएं जनता का अधिकार हैं और इन्हें किसी राजनीतिक दबाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
इस मौके पर मंच पर आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल, कुल्टी विधायक अजय पोद्दार, भाजपा जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभा के दौरान स्थानीय भाजपा इकाई की ओर से मिठुन चक्रवर्ती का पारंपरिक तरीके से सम्मान भी किया गया। नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने की बात कही।

सभा का माहौल पूरी तरह राजनीतिक जोश से भरा रहा। समर्थकों ने नारे लगाए और नेतृत्व के प्रति विश्वास जताया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाला समय निर्णायक है और हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह जनता तक पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाए।
यह जनसभा केवल राजनीतिक भाषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की दिशा को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में आसनसोल और आसपास के इलाकों में इसी तरह की और जनसभाएं आयोजित कर जनसंवाद को तेज किया जाएगा।















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