दुर्गापुर : प्रसिद्ध जयदेव मेला नजदीक आते ही प्रशासनिक फैसले ने दुर्गापुर के कांकसा थाना अंतर्गत बिदबिहार क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं। अजय नदी पर बिदबिहार से जयदेव केंदुली को जोड़ने वाले अस्थायी पुल के निर्माण की अनुमति ऐन वक्त पर रद्द किए जाने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मंगलवार को इस निर्णय के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने नदी तट पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष जयदेव मेले के दौरान अजय नदी पर अस्थायी पुल बनाया जाता रहा है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा मिलती थी। इस वर्ष भी प्रशासन ने पहले पुल निर्माण की सहमति दी थी, लेकिन मेले से ठीक पहले अनुमति वापस लेकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी गईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला न केवल जनहित के खिलाफ है, बल्कि प्रशासन की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को भी उजागर करता है।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। ‘विधायक लापता’ लिखे पोस्टरों के जरिए गलसी के विधायक नेपाल घड़ुई की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए। साथ ही राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार की भूमिका पर भी तीखा प्रहार किया गया। नाराज भीड़ का कहना था कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन से पहले जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर समाधान निकालना चाहिए था।

भाजपा नेता जयदीप बनर्जी ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पुल निर्माण को लेकर पहले आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंतिम समय पर अनुमति रद्द करना सीधे-सीधे लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया और पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनके अनुसार पुल न बनने से न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी जनता की नाराजगी को जायज बताया है। बिदबिहार ग्राम पंचायत सदस्य सपन सूत्रधार ने कहा कि पुल न बनने की खबर से ग्रामीणों में असंतोष स्वाभाविक है। उन्होंने माना कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी पुल आवश्यक है और इस मुद्दे को लेकर उच्च स्तर पर पहल होनी चाहिए।
फिलहाल, जयदेव मेले से पहले पुल निर्माण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासन के अगले कदम पर ग्रामीणों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं की निगाहें टिकी हैं।















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