दुर्गापुर : औद्योगिक नगरी दुर्गापुर के अंतर्गत 39 नंबर वार्ड स्थित आशीषनगर क्षेत्र गुरुवार को भारी तनाव और आक्रोश का केंद्र बना रहा। एक युवती के साथ कथित छेड़खानी के मामले में आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार की घटना के बाद गुरुवार को भी क्षेत्र में असंतोष की आग सुलगती रही, जिसने कानून-व्यवस्था की चुनौती को और गंभीर बना दिया।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आशीषनगर निवासी एक युवती के साथ आपत्तिजनक व्यवहार और छेड़खानी की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में भय और गुस्से का माहौल है। इस मामले में शिवप्रसाद मंडल नामक व्यक्ति को आरोपी बताया गया है, जो कथित तौर पर इलाके के एक पूर्व सत्ताधारी दल के पार्षद का रिश्तेदार है। इसी कथित राजनीतिक संबंध के कारण आरोपी को संरक्षण मिलने का आरोप लगाते हुए लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
गुरुवार को दिनभर लोगों के बीच चर्चा का विषय यही रहा कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आरोपी कोई सामान्य व्यक्ति होता, तो अब तक उसे हिरासत में ले लिया गया होता। इस असमानता के आरोप ने जनता के आक्रोश को और भड़का दिया।

बुधवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी चर्चा का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में लोग कोक ओवन थाना क्षेत्र के आसपास एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में पहले भी इस व्यक्ति के व्यवहार को लेकर शिकायतें होती रही हैं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया। अब जब एक युवती की गरिमा से जुड़ा गंभीर आरोप सामने आया है, तब भी यदि कार्रवाई में देरी होती है, तो यह न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिह्न है।
स्थानीय महिलाओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो महिलाओं और युवतियों में असुरक्षा की भावना और गहरी हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के तहत कानूनी औपचारिकताओं का पालन आवश्यक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कार्रवाई नहीं होगी।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों का धैर्य सीमित नजर आ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वे सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है।
गुरुवार को पूरे आशीषनगर क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना रहा। दुकानें समय से पहले बंद होती दिखीं और लोग आपस में घटनाक्रम पर चर्चा करते नजर आए। बुजुर्गों का कहना था कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रशासन को भी निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई कर जनता का विश्वास जीतना होगा।

कुल मिलाकर, दुर्गापुर का यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का रुख यह तय करेगा कि जनता का भरोसा कायम रहता है या आक्रोश और गहराता है।















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