आसनसोल : सालानपुर ब्लॉक के जेमारी क्षेत्र में बुधवार को मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया। एक स्थानीय मेडिकल स्टोर की कथित लापरवाही के कारण गर्भवती महिला का गर्भपात हो जाने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था, दवा बिक्री की निगरानी और मेडिकल दुकानदारों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, जेमारी शिरीषबेड़िया निवासी चांदनी महतो की तबीयत कुछ दिन पहले बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए स्थानीय चिकित्सक डॉ. चौधरी के पास ले गए। जांच के बाद डॉक्टर ने गर्भावस्था को ध्यान में रखते हुए कम प्रभाव वाली सुरक्षित दवाएं लिखीं। चिकित्सकीय सलाह स्पष्ट थी कि दवाओं की मात्रा और प्रकार में किसी भी तरह का बदलाव महिला और गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है।
परिजन डॉक्टर का पर्चा लेकर जेमारी रेलगेट के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद दुकानदार ने डॉक्टर के निर्देशों को दरकिनार करते हुए उसी दवा की अधिक क्षमता वाली ‘हाई पावर’ दवा दे दी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पर्चे के अनुसार ही दवा मांगी थी, लेकिन दुकानदार ने अपने विवेक से दवा बदल दी।
दवा की पहली खुराक लेने के कुछ ही समय बाद चांदनी महतो की हालत बिगड़ने लगी। तेज पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। घबराए परिजन उन्हें दोबारा डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने जब दवा देखी तो वे भी चौंक गए और स्पष्ट शब्दों में बताया कि यह दवा गर्भवती महिला के लिए खतरनाक है और ओवरडोज की श्रेणी में आती है। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ और तीन दिनों तक महिला की हालत नाजुक बनी रही।
रविवार को परिजन चांदनी को पीठाक्यारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद गर्भपात की पुष्टि की। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण मेडिकल स्टोर के सामने जमा हो गए और दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित दुकानदार लंबे समय से खुद को डॉक्टर समझकर मनमानी दवाएं देता आ रहा है, जिससे पहले भी लोगों की तबीयत बिगड़ चुकी है। सूचना मिलने पर सालानपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, मेडिकल स्टोर संचालक ने सफाई देते हुए दावा किया कि उसने डॉक्टर से फोन पर बात कर दवा बदली थी। हालांकि ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। स्थानीय लोगों ने ड्रग इंस्पेक्टर से मामले की गहन जांच कराने और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।















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